अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर 15वें दिन भी एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। वहीं मंगलवार को हड़ताल के दौरान छह महिला कर्मी क्रमिक अनशन पर भी बैठी। एनएचएम कर्मचारियों की लगातार हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। खासतौर पर रेफरेल सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। सरकार द्वारा कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बावजूद कर्मचारियों ने मंगलवार को धरना दिया और प्रदर्शन किया।
क्रमिक अनशन में सुनीता, कंचन, मीना, रोहताश ड्राईवर, बजरंग, नरेंद्र ईएमटी उपस्थित थे। धरने को एएनएम यूनियन ने भी अपना समर्थन प्रदान किया। एएनएम यूनियन की जिला प्रधान सावित्री ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन देते हुए कहा कि वे इस संघर्ष में एनएचएम कर्मचारियों के साथ हैं। सावित्री ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा की मांग बिलकुल जायज है और सरकार यदि चाहे तो इसे लागू करना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि 1998 से लगातार चल रहा मिशन एनएचएम इतना लंबा ठेका कैसे हो सकता है। सभी एनएचएम कर्मियों में नेशनल हेल्थ मिशन को नेशनल हरासमेंट मिशन बोलकर नारे लगाए। एनएचएम के जिला प्रधान प्रदीप कुमार ने धरना कर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि जिले की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। रेफरल ट्रांसपोर्ट पूरी तरह ठप हो चुकी है। सह सचिव राजेश ईएमटी ने बताया कि एनएचएम को सेवा सुरक्षा देना जो कि एक कागजी कार्यवाही है, सरकार चाहे तो इसे कुछ ही पलों में घोषित कर सकती हैं। आज के धरना प्रदर्शन में सुधीर भारद्वाज, बिजेन्द्र, सतपाल, डॉक्टर प्रिति, निशा सहित अनेक एनएचम कर्मचारी उपस्थित थे।