अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
पेयजल और नहरी पानी की समस्या से त्रस्त जिला वासियों के समर्थन में कांग्रेसियों ने विधायक दल की नेता किरण चौधरी के नेतृत्व में मटका फोड़ प्रदर्शन किया। नेहरू पार्क से जुलूस निकालते हुए हांसी गेट चौक पर मटके फोड़कर रोष जताया। इसके अलावा लघु सचिवालय को घेरा और एक घंटे तक लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर जमा हुए। इस कारण लघु सचिवालय का मुख्य गेट बंद रहा और सभी अंदर बंद रहे। कांग्रेसियों ने प्रदर्शन के बाद गवर्नर के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत कांग्रेसी कार्यकर्ता नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्पा अर्पित करने के उपरांत महिलाएं सिर पर मटके लेकर हांसी गेट पहुंची। यहां मटके फोड़ने के बाद जुलूस लघु सचिवालय की ओर बढ़ गया।
लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किरण चौधरी ने कहा कि वे क्षेत्र की जनता की आंखों में पानी की किल्लत को भांपती हैं और इलाके को पानी मुहैया करवाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगाने से कोई गुरेज नहीं करेंगी। क्षेत्र के कुल नौ सौ में 870 गांवों में पानी की भारी किल्लत है। नहरी पानी तो दूर, लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल के पानी को लेकर भाजपा व इनेलो केवल नौटंकी कर रही है। एसवाईएल का पानी भी कांग्रेस ही लाएगी क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल में ही यह नहर बनी थी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनविरोधी व जनता की अनदेखी करने वाली सरकार को उखाड़ फेंके। किरण चौधरी ने लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांगों से भी मुलाकात की और उन्हें पूर्ण समर्थन की घोषणा करते हुए कहा कि वे उनकी आवाज आने वाले विधानसभा सत्र में अवश्य उठाऐंगी। इस मौके पर पूर्व मंत्री सुभाष बतरा, पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी, पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, पूर्व विधायक राधेश्याम, पूर्व विधायक नरेश यादव, राम प्रताप शर्मा, सुरेंद्र परमार, अजीत फोगाट, मदन श्योराण, शीशराम मेचू, देवेंद्र आर्य नगर, राव अभिमन्यु, परमजीत मड्डू, जगदीप सांगवान, मुकेश पहाड़ी, राज बाला श्योराण, अशोक बवानीवाला, विजय खोरड़ा, प्रवीण सिंह, रणधीर घिकाड़ा, दीपेश सारसर, अमर सिंह, देवराज महता, हरी सिंह सांगवान, शीशराम, दिलबाग निम़ी,राजू मान, कृष्ण लेघां, छोटू लेघां, सविता श्योराण, सुशील साहूवास, रविंद्र खरे, डा. ओम प्रकाश, सतबीर सिरसी, सज्जन डाडमा, नवीन धारणबास, सांवर शर्मा, रामौतार खोरड़ा, मुंशीराम सिवानी, बलवान पार्षद और जयचंद चैहड़ ने भी विचार रखे।