कठुआ व उन्नाव में बच्चियों से दरिंदगी के विरोध में कैंडल मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
कठुवा, उन्नाव और गुजरात में नाबालिग बच्चियों के साथ हुई बर्बरता के विरोध में लोगों ने शहर में कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने केंद्र व राज्य की सरकारों से अपराधियों को कठोरतम सजा देने की मांग की। लोगों ने सभा में मृतक बच्चियों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।
सोमवार शाम नेहरू पार्क में जन संघर्ष समिति व जनवादी महिला समिति के आह्वान पर लोग जमा हुए। हाथों में मोमबत्ती लेकर लोग नेहरू पार्क से रवाना हुए। कैंडल मार्च घंटाघर चौक, सराय चौपटा, नया बाजार, हांसी चौक होते हुए वापस पार्क के बाहर संपन्न हुआ।
इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश व महिला समिति की नेता बिमला घणघस ने अपराधियों को धर्म व सत्ता के नाम पर संरक्षण बंद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भविष्य में महिलाओं पर होने वाले अत्यचारों को बंद करवाने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए। सभा में यह रोष व्यक्त किया गया कि कठुआ में किस तरह धर्म की आड़ में अपराधियों को बचाने की कुचेष्टा की गई। अपराधियों को बचाने के लिए सत्ता पक्ष के दो मंत्री भी भीड़ को उकसा रहे थे। इसी तरह उन्नाव में वहां की सरकार कथित बलात्कारी व आरोपी विधायक तथा उसके परिवार को बचा रही थी। यह सत्ता संरक्षण अपराधियों को बचाने के लिए खुले तौर पर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने पीड़िता के पिता को ही जेल में पिटाई करके मार दिया गया। कैंडल मार्च में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी फतेह सिंह डागर, समिति के सचिव एसके सिंगला, महिला नेता संतोष देशवाल, किसान नेता मास्टर शेरसिंह, ओमप्रकाश सैनी, मास्टर वजीर सिंह, जयप्रकाश परमार, जेपी कौशिक, प्रवीण गुप्ता, कामरेड रवि खन्ना, सुखदेव सिंह, सुखदर्शन सरोहा, पूर्व खेल अधिकारी सुंदर सिंह, डॉ. अन्नत कौर, यादविरेंद्र शर्मा, महेंद्र बडाला, मजदूर नेता कामरेड अनिल, फूलचंद ढाणा, अध्यापिका सरोज शर्मा, राहुल सरोहा, मंदीप फौजी, योगेश, जगमोहन बौद्ध, क्रांति आदि शामिल हुए।