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तूफान के बाद आई बारिश में भीगे सरसों व गेहूं के 20 हजार बैग

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी
बीती रात तूफान के बाद आई बारिश से मंडी में पड़ी गेहूं व सरसों के करीब 20 हजार बैग भीग गए। दो दिन पहले चारा मंडी में पहुंची लगभग पांच हजार क्विंटल खुली सरसों भी बरसात की चपेट में आ गई। किसानों व आढ़तियों को लाखों रुपये की चपत लगी। किसानों ने खेतों में बोई नरमा, कपास व सब्जी की फसल को भी नुकसान पहुंचा।
सोमवार देर रात तेज तूफान से किसानों को भारी नुकसान हुआ। तूफान का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। सैकड़ों टन गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। आढ़तियों के द्वारा किए गए मंडी में तिरपाल के इंतजाम धरे के धरे रह गए। रात दस बजे आई तेज आंधी ने सरसों पर गेहूं पर डाले तिरपाल को अपने साथ उड़ा ले गई।
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सरसों लेकर मंडी में पहुंचे किसानों रामअवतार, गुरदयाल, शंभुनाथ, ओमप्रकाश और जितेेंद्र ने आप बीती सुनाते हुए कहा कि तूफान आने की जानकारी पिछले काफी दिनों से मिल रही हैं और इसे मजाक मान कर सुबह सरसों लेकर मंडी में पहुंचे, दिनभर तो मौसम साफ रहा और सरसों का भी तोल नहीं हो पाया, लेकिन रात के समय जैसे ही मौसम खराब हुआ तो तेज आंधी से सरसों के ऊपर के तिरपाल उड़ गए। अपनी जान बचाने के लिए आढ़तियों की दुकानों की तरफ दौड़े इसके बाद तेज बारिश ने सरसों को पूरी तरह से भीगो दिया। अब यहां से पानी निकाल कर सूखाने का प्रयास कर रहे हैं।

उठान न होने से खुले में रह गए बैग
पुरानी मंडी में सरसों की खरीद शुरू होने पर किसान पुरानी मंडी में सरसों लेकर पहुंचे लेकिन शेडों के नीचे जगह खाली न होने के कारण किसानों को बाहर ही सरसों को रखना पड़ा। किसानों ने बताया कि रात को कुछ एक तो सरसों शेड के नीचे डाल दी लेकिन ज्यादा सरसों बाहर ही रखनी पड़ी और अब यहां पर सुखाने का प्रयास कर रहे हैं।
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गेहूं के 5 हजार बैग भीगे
अनाज मंडी में पिछले काफी दिनों से उठान की कार्यवाही धीमी चलने से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा खरीदा गेहूं पूरी तरह भीग गया। सड़क के किनारे पड़ा गेहूं में पानी घुस गया। सुबह कई आढ़तियों के द्वारा लेबर लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया तो कई आढ़तियों ने बोरियों को उठाकर दूसरी जगह पर डलवाना पड़ा।

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तूफान के आने की जानकारी थी, लेकिन यह नहीं सोचा था के यह सच हो सकता हैं। खेत में भी कपास की बुआई की हैं वो भी पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं अब दोबारा से बिजाई करनी पड़ेगी।
तेज सिंह
निमड़ीवाली

सुबह से सरसों लेकर मंडी में पहुंचे थे लेकिन शेड के नीचे जगह न होने से बाहर ही सरसों को गेरना पड़ा। रात को तूफान वर बारिश से भारी नुकसान हो गया। सरसों पूरी तरह से भीग गई अब सूखने तक इंतजार करना पड़ेगा।
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जय सिंह
नवा राजगढ़

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मंडी में गेहूं की लिए इंतजाम किए गए थे लेकिन रात को तूफान ने सब कुछ उड़ा दिया। मंडी जहां पानी अधिक जमा हो गया हैं वहा से बारियों को उठवाया जा रहा हैं और ऊंची जगह पर जुड़वाई जा रही हैं।
मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर खाद्य आपूर्ति विभाग
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