इधर 96 वर्षीय भाई चिता जली, उधर छोटे भाई ने तोड़ा दम
लोहारू। झुप्पा कलां गांव के दो चचेरे भाइयों 96 वर्षीय चैनसुख मान और 91 वर्षीय रिछपाल मान की मृत्यु उस चर्चा का विषय बन गई, जब बड़े भाई की चिता जल ही रही थी तो छोटे ने भी दम तोड़ दिया।
देश की आजादी के परवाने और लोहारू के नवाबी व्यवस्था के विरूद्ध संघर्ष के योद्धा रहे चौधरी चैनसुख मान ने 96 वर्ष की आयु में अपने पीछे 5 पीढ़ियों के 72 सदस्यों के भरे पूरे परिवार को छोड़कर अपनी सांसारिक यात्रा पूरी की तो उनके छोटे भाई रिछपाल मान ने भाई के शव को स्नान करवाने के पश्चात कहा कि मैंने तो अपना फर्ज निभा दिया अब मुझे भी जल्द अपने पास बुला लेना।
इसके बाद चैनसुख मान के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी गई, छोटे भाई रिछपाल ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। बचपन के हमजौली इन भाइयों के प्रेम की चर्चा आज हर किसी की जुबान पर रही।
चैनसुख मान अपने पीछे पुत्र पूर्व सरपंच होशियार सिंह, मा. प्रताप सिंह आर्य, राम सिंह आर्य, पौत्र पूर्व युवा इनेलो जिला अध्यक्ष वजीर मान, प्राध्यापक जयवीर मान, पूर्व सरपंच कृष्ण मान सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।