भिवानी। 70 वर्षीय वकील के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में बुधवार को वकीलों ने जिला बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष सत्यजीत पिलानिया के नेतृत्व में एसपी कार्यालय का घेराव किया। काफी संख्या में पहुंचे वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मुकदमा रद्द करने की मांग की।
इस पर एसपी अजीत सिंह शेखावत ने वकीलों से बात की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में मामले की जांच का आश्वासन दिया। इस पर वकीलों का गुस्सा शांत हो गया। उल्लेखनीय है वकील के खिलाफ 80 साल की वृद्धा ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
वहीं, झज्जर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अजीत सोलंकी के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे के खिलाफ बुधवार को भी भिवानी बार एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर रहे। वकीलों का आरोप है कि झज्जर बार प्रधान के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी दौरान वकीलों को पता चला कि भिवानी बार के 70 वर्षीय वकील वीरेंद्र सिवाच के खिलाफ भी पुलिस ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पता चलते ही बार के सभी वकीलों की आपातकालीन बैठक बुलाई। सभी ने चर्चा करने के बाद एसपी कार्यालय का घेराव करने का फैसला किया। इस पर सभी वकील बार कार्यालय से नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। इस मौके पर अधिवक्ता बिजेंद्र पंघाल, शमशेर सिंह, पूनम सांगवान, जोगेंद्र तंवर, राजेश सिंधु, निर्मल प्रकाश, राम अवतार समरवाल, रमेश सांगवान, अरविंद बैरान, मनीषा तंवर, प्रिया लेघा, योगेंद्र भालोठिया, मीनू यादव ,देशांत गुलिया, मुस्कान अरोरा आदि अधिवक्ता मौजूद थे
एसपी के आश्वासन पर माने
एसपी कार्यालय का घेराव करने के बाद वकील जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। वकीलों के आने का पता चलने के बाद एसपी अजीत सिंह शेखावत नीचे पहुंचे और उनका पक्ष सुना। एसपी ने वकीलों को आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की जांच डीएसपी हेड क्वार्टर बिरेंद्र सिंह की निगरानी में की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता के साथ कहीं भी अन्याय नहीं होगा। एसपी के आश्वासन पर वकीलों ने अपना प्रदर्शन रोक लिया।
जमीनी विवाद में कराया छेड़छाड़ का केस
बार एसोसिएशन के प्रधान सत्यजीत पिलानिया ने एसपी को बताया कि अधिवक्ता वीरेंद्र सिवाच की गांव मिताथल में जमीन है। उसी जमीन को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष के साथ विवाद चल रहा है। वीरेंद्र सिवाच अपने खेत में काम कर रहे थे। शिकायत करने वाली महिला की उम्र भी 80 साल है। पूरे मामले को देखते ही समझ आ रहा है कि यह मुकदमा रंजिशन दर्ज कराया गया है।
बार से स्वीकृति के बाद दर्ज हो केस
सत्यजीत पिलानिया ने एसपी अजीत सिंह शेखावत के सामने मांग उठाई कि किसी भी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस को बार एसोसिएशन से स्वीकृति लेनी चाहिए। इससे वकील अपने स्तर पर जांच कर बता देंगे कि अधिवक्ता का कसूर है या नहीं। अगर अधिवक्ता निर्दोष है तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।