भिवानी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने शनिवार को उपमंडल तोशाम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपमंडल तोशाम अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुसान, संडवा, ढाणी माहू और दिनोद का भी दौरा किया गया। चिकित्सा अधिकारी ने सबसे पहले सुबह आठ बजे उपमंडल अस्पताल तोशाम का निरीक्षण किया। यहां (हरियाणा काैशल रोजगार निगम लिमिटेड) एचकेआरएनएल के 39 कर्मचारियों सहित कुल 62 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए।
कुछ कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर में एडवांस में दर्ज थी। अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर किसी भी स्थान पर डिस्पले नहीं था और आपातकालीन विभाग के कर्मचारी भी ड्यूटी पर नहीं मिले। एचकेआरएनएल कर्मचारियों में से कुछ ने सरकारी यूनिफॉर्म नहीं पहन रखी थी। इसके अलावा अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी बदहाल पाई गई। अधिकारी ने मौके पर ही अनुपस्थित कर्मचारियों को शॉर्ट नोटिस जारी किया, अनुपस्थित दिन का वेतन अगले आदेश तक क्लेम न करने और विभागीय कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में कोई कर्मचारी अनुपस्थित न रहे।
इन केंद्रों का किया निरीक्षण
उपमंडल अस्पताल तोशाम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुसान, संडवा, ढाणी माहू और दिनोद का निरीक्षण किया गया।
तोशाम अस्पताल की स्थिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सुबह आठ बजे उपमंडल अस्पताल तोशाम का निरीक्षण किया। इस दौरान 12 चिकित्सा अधिकारी, दो सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, 12 नर्सिंग ऑफिसर, तीन लैब टेक्नीशियन, एक ऑपरेशन थिएटर अटेंडेंट और विभिन्न श्रेणी के 23 अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। एचकेआरएनएल में कुल 59 कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 39 ड्यूटी से गैर हाजिर रहे। वीरेंद्र कुमार (ईएमटी) और राजेंद्र सिंह रोहिल्ला (रेडियोग्राफर) की हाजिरी रजिस्टर में एडवांस में दर्ज थी। अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर कहीं भी डिस्पले नहीं था और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के पास यह केवल मोबाइल में उपलब्ध था। आपातकालीन विभाग में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोई भी ड्यूटी पर नहीं मिला। उपस्थित कर्मचारियों में से कुछ ने सरकारी यूनिफॉर्म नहीं पहन रखी थी। मॉनिटरिंग और सफाई व्यवस्था भी असंतोषजनक पाई गई।
पीएचसी बुसान की स्थिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नौ बजकर 45 मिनट पर पीएचसी बुसान का निरीक्षण किया। डॉ. साहिल ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। एमपीएचएस विजय कुमार, राजकला (एमपीएचडब्ल्यू फीमेल रेगुलर) और शर्मिला (एमपीएचडब्ल्यू एनएचएम) अनुपस्थित रहीं। स्टॉक रजिस्टर और ओपीडी रजिस्टर मौजूद नहीं थे। सरकार द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिए जारी बोर्ड स्थायी स्थान पर नहीं लगे थे। सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी तोशाम को अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए।
पीएचसी संडवा की स्थिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने साढ़े दस बजे पीएचसी संडवा का निरीक्षण किया। इस दौरान केवल दो कर्मचारी ही उपस्थित पाए गए। डॉ. रोहित (चिकित्सा अधिकारी), एमपीएचएस पवन कुमार, अमित कुमार (सूचना सहायक), नर्सिंग ऑफिसर सुनीता, मंजू और बबली अनुपस्थित थीं। उपस्थित स्टाफ नर्स के पास दवाइयों का एक्सपेंस रजिस्टर था लेकिन ड्यूटी रजिस्टर नहीं मिला। साफ-सफाई बदहाल रही। पीएचसी संडवा में बनाए गए स्टाफ और अधिकारी क्वार्टर खाली पड़े हैं जिनकी सफाई न होने से वे खराब होने के कगार पर हैं। सिविल सर्जन ने जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में बने क्वार्टरों को संबंधित स्टाफ और अधिकारियों को अलॉट करने के निर्देश दिए।
पीएचसी दिनोद की स्थिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दोपहर सवा 12 बजे पीएचसी दिनोद का निरीक्षण किया। डेंटल सर्जन डॉ. सुष्मिता और सभी नर्सिंग ऑफिसर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
तोशाम अस्पताल सहित कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारी और चिकित्सक गैर हाजिर पाए गए, जो बड़ी लापरवाही है। सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की गलती कोई कर्मचारी न करें। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाएं। आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होनी चाहिए। - डॉ. रघुवीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भिवानी