अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेेकर शहर में जिलास्तरीय प्रदर्शन किया। शहर में प्रदर्शन के बाद उपायुक्त कार्यालय में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के नाम ज्ञापन सौंपा।
रविवार को जिलेभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां रोष सभा की। जिसकी अध्यक्षता सुरेश लोहारू और दलबीर बहल ने की। संचालन हरदयाल कैरू और राजबीर सिंघानी ने किया।
रोष सभा के बाद सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए जुलूस के रूप में हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त कार्यालय में कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के जिला संयोजक राममेहर सिंह और सीटू के जिला सचिव अनिल कुमार ने बताया कि ज्ञापन में कहा कि सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नही है। सरकार के इशारे पर पंचायत विभाग ने दो नवंबर 2017 को पत्र जारी करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को मिलने वाला मानदेय पंचायत के खातों में भेजने का आदेश जारी किया किया। जो आज पूरे हरियाणा में लागू भी हो चुका और इसी का नतीजा है कि आज ग्रामीण सफाई कर्मचारी भारी बेगार और शोषण का शिकार हो रहे हैं। भिवानी जिले के बुद्धशैली गांव में कार्यरत महिला सफाई कर्मचारी के पति ने कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या कर ली।
सीटू नेता धर्मबीर कुंगड़ ने कहा कि राज्य के ग्रामीण सफाई कर्मचारी विभाग द्वारा जारी 2 नवंबर को जारी पंचायतों कें खाते में मानदेय भेजने के आदेश को वापस लेने तथा सीधे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के खाते में मानदेय दिए जाने, न्यूनतम वेतन 18000 देने, काम के औजार दिए जाने, स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है। कृषि मंत्री ने जल्द ही ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, मगर अब तक समाधान नहीं किया है। अब शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 24 जून को झज्जर में पंचायत मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। रोष प्रदर्शन में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता राजबीर सिंघानी, सुखबीर कैरू, आकाश, सुरेश, संजय, राजबीर, बाला, प्रदीप, राजो और मनोज आदि ने भी अपने विचार रखे।
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