तालाब का गंदा पानी पीने से पशु हो रहे बीमार
भिवानी। गांव बडेसरा का ढंढूर इकलौता तालाब है। गत सितंबर महीने में जूई नहर टूटने के बाद खेतों में भरा गंदा पानी इस जोहड़ में आ गया। तब से मवेशी बीमार पड़ने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक चल रहा है। इस महीने 15-20 पशु बीमार पड़ चुके हैं। पशु पालक मवेशियों में बढ़ती बीमारी से चिंतित हैं।
तालाब का पानी गंदा होने के कारण ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इस समस्या के बारे में उपायुक्त को भी अवगत करवा चुके हैं। गांव बडेसरा के काला नंबरदार, ग्रामीण सुभाष, रणबीर टेकेदार ने बताया कि गत आठ सितंबर को जूई फीडर टूटने के कारण गांव के खेतों में पानी भर गया और खेतों के रास्ते वह गंदा पानी गांव के तालाबों में भर गया। पशु पालकों व ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को जल्द से जल्द तालाब की सफाई करानी चाहिए, ताकि आगे गर्मी के मौसम में ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े। ग्रामीण जोगेंद्र फौजी, जयबीर, बजरंग व मनोज फौजी ने बताया कि तालाब का गंदा पानी पीने के कारण पशुओं का दूध भी घट रहा है। पशुओं को पानी के लिए एक ही तालाब का पानी पीने योग्य था अब वह भी खराब हो चुका है। इस महीने के दौरान 15 से 20 पशु बीमार भी हो चुके हैं।
गांव में स्थित दोनों में तालाबों में खेतों का गंदा पानी इकट्ठा होने के कारण पानी बदबू मारने लगा है और पिछले दो माह के दौरान गांव में कई पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
- अशोक, ग्रामीण
पशुओं के पानी के लिए एकमात्र यही तालाब बचा था, लेकिन तीन महीने पहले जूई नहर टूटने के बाद खेतों का गंदा पानी जोहड़ में भर गया। प्रशासन से भी सफाई की कई बार मांग कर चुके है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नही हुई है।
- हरिओम।
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सेहत पर भी पड़ेगा असर
किसान खेतों में जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं और यह पानी खेतों से होकर ही आया है। अगर पशु उसी तालाब का पानी पीते हैं तो पशुओं का दूध पीने वाले लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ सकता है।
- डॉ. प्रवीन ठक्कन, इंचार्ज, चांग पशु अस्पताल
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गांव बडेसरा में स्थित तालाबों की चारदीवारी के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल्द ही सफाई के लिए मंजूरी लेकर जोहड़ों की सफाई कराई जाएगी।
- अनूप कुमार, कार्यवाहक सरपंच प्रतिनिधि, बडेसरा।