पुलिस ने युवकों को कॉलेज के अंदर जाने से रोका तो किया हंगामा
भिवानी। कैथल में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार संदीप भारती के समर्थन में कुछ युवकों ने वैश्य कॉलेज में हड़ताल कराने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवकों को कॉलेज के भीतर जाने से रोका तो जमकर बवाल हुआ। आधे घंटे की गर्मागर्मी के बाद युवक नारेबाजी करते हुए चले गए। इसके बाद युवकों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के चलते दिनभर कॉलेज के बाहर पुलिस की तैनाती रही।
शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे के करीब युवकों की टोली वैश्य कॉलेज में हड़ताल कराने के इरादे से पहुंची। कॉलेज में एंट्री को लेकर गेट पर झड़प हुई। युवक कैथल में उनके साथी की गिरफ्तारी के विरोध में कॉलेज में हड़ताल कराना चाहते थे। इसी दौरान दल बल के साथ सिटी एसएचओ श्रीभगवान पहुंच गए। इस दौरान कॉलेज परिसर के भीतर जाने पर आमादा युवकों ने सिटी एसएचओ से जमकर बहस की। लगभग आधे घंटे तक कई बार तनाव बढ़ा, लेकिन आखिरकार युवक मान गए। युवकों ने कॉलेज के बाहर नारेबाजी की और इसके बाद जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। यहां युवकों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता दीपक मोर ने बताया कि कैथल पुलिस ने संदीप भारती को एक मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ 50 मुकदमे दर्ज होने पर भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी बात का युवक विरोध कर रहे हैं। दीपक ने बताया कि पुलिस या तो संदीप को बाहर करे या सांसद को अंदर करे। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकते। दीपक ने बताया कि वो संदीप को बाहर निकालने के लिए रणनीति बनाएंगे और इसके लिए चाहे किसी भी हद तक जाना पड़े।
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वर्शन .....
सिटी थाना एसएचओ श्रीभगवान ने बताया कि कुछ छात्र कॉलेज में हड़ताल के लिए आए थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया। उन्होंने बताया कि संदीप की गिरफ्तारी का मामला कैथल का है। कुछ करना है तो वहां करें, यहां किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
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कॉलेज के बाहर तैनात रही पुलिस
कॉलेज प्रशासन की की सूचना के बाद शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। कॉलेज के गेट पर पुलिस बल तैनात कर दी। किसी भी बाहरी युवक को कॉलेज के भीतर नहीं जाने दिया। युवाओं के आने के बाद भी कॉलेज के बाद पुलिस बल तैनात रही। शहर थाना पुलिस की एक पीसीआर भी समय-समय पर गश्त करती रही।
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