अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम। वन विभाग के उदासीन रवैये के चलते सुरेंद्र सिंह मेमोरियल हर्बल पार्क की दशा दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। बारिश के मौसम में पगडंडियों के दोनों ओर खड़ी घास और लाइटों के अभाव के चलते सुबह-सुबह सैर करने आने वाले लोगों को जीव-जंतुओं का भय सता रहा है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
हर्बल पार्क का अस्तित्व खतरे में है। पार्क की चारदीवारी पर लगी लाइटों सहित विभिन्न सुविधाएं इतिहास बन चुकी हैं। कहने को तो यह जड़ी बूटी उद्यान हैं, लेकिन पार्क में औषधियों के पौधे अब मुश्किल ही देखने को मिलते हैं। एक वक्त था जब पार्क में कई तरह के औषधीय पौधे चारों ओर लगाए गए थे। अब तस्वीर कुछ और ही बयां करती है।
हर्बल पार्क की स्थापना के समय से ही प्रतिदिन पार्क की सैर करने वाले पंडित रामकिशन शर्मा, तेलुराम सागवनियां, मास्टर हवासिंह आदि ने बताया कि पार्क की दशा दयनीय हो चुकी है। दोनों ओर बड़ी-बड़ी घास खड़ी हुई है जिसके चलते बरसात के इस सीजन में जीव जंतुओं का भय सता रहा है। लाइटें टूटने के बाद से अंधेरा छाया रहने के कारण खतरा ज्यादा ही लगता है। इस संबंध में जिला वन अधिकारी कुलदीप सांगवान से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि ट्रेक बिल्कुल साफ है। बरसात के मौसम के कारण घास जल्दी बढ़ जाती है।