अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
नई कृषि बीमा नीति की जगह पुरानी मुआवजा नीति बहाल करने और अन्य मांगों को लेकर क्षेत्र के किसानों ने अनाज मंडी में मीटिंग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किसान अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही। किसानों ने मांग की कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को हूूबहू लागू किया जाए।
रविवार को आयोजित मीटिंग की अध्यक्षता खंड प्रधान भगवान सिंह लाखलाण ढाणी बहल ने और संचालन महीपाल ने किया। मीटिंग में प्रदेश सचिव दयानंद पुनिया, कैप्टन ईश्वर सिंह, डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, रामकरण ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। कहा कि जब दूसरे प्रदेशों में किसानों का कर्जा माफ किया जा सकता है तो हरियाणा में सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने पुरानी मुआवजा नीति बहाल करने की भी मांग की। मीटिंग में वक्ताओं ने 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना, दो अगस्त को कमिश्नर कार्यालय रोहतक का घेराव, तीन अक्टूबर को हिसार में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए किसानों से पहुंचने का आह्वान किया। इस अवसर पर हवासिंह जांगड़ा, धनपत शहरयारपुर, जगत सिंह, सूरजभान, महावीर, रामचंद्र, रामस्वरूप, राजबीर, रतनसिंह, जयसिंह पूर्व सरपंच, ज्ञानीराम, ईश्वर सिंह, सूबे, कृष्ण, महावीर, मांगेराम आदि मौजूद रहे।