भिवानी। गुजरानी फाटक के पास शुक्रवार की रात्रि ट्रेन की चपेट में आकर छह गोवंश काल का ग्रास बन गए। गोवंश के अवशेष करीब दो किलोमीटर दूर तक जा गिरे। इन अवशेषों को गोरक्षा दल भिवानी से जुड़े गोसेवकों ने काफी मशक्कत के बाद एकत्र किए। इसके बाद अजीत बेरला द्वारा भेजी गई जेसीबी के माध्यम से मृत गोवंश को फाटक के साथ में खाली पड़े स्थान पर मिट्टी दी गई।
गोरक्षा दल प्रधान संजय परमार ने बताया कि शुक्रवार देर रात उनके पास जीआरपी पुलिस व कंट्रोल रूम से फोन आया कि गुजरानी फाटक के समीप तीन गाय, दो बछिया व एक सांड ट्रेन की चपेट आ गए हैं। फोन पर उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम वहां पर पहुंचने वाली है तथा आप भी मदद के लिए पहुंचें। इसके बाद वे अपनी गोरक्षा दल की टीम के साथ तुरंत प्रभाव से मौके पर पहुंचे तथा मौके पर जाकर देखा तो वहां पर आरपीएफ प्रशासन, गुजरानी चौकी के पुलिस कर्मचारी व डायल 112 भी मौजूद थी। संजय परमार ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने गोवंश को बेसहारा अवस्था में न छोड़ें। विशेषकर रात के समय में बेसहारा पशु अक्सर ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। इस मौके पर कुकी परमार, हन्नी, गोलू शर्मा, बंसी, अंकुर, अज्जू, भोला, मनवा गुजरानी मौजूद रहे।