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40 हजार क्विंटल गेहूं से अटी अनाजमंडी, 15 दिन बाद शुरू हुई खरीद, पहले दिन खरीदा पांच हजार क्विंटल

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भिवानी। गेहूं की सरकारी खरीद भले ही एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है मगर अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई। पिछले कई दिनों से 40 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं से अनाज मंडी से अटी है। सोमवार को पांच हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। अधिकारियों ने ढेरियों की जांच की तो अधिकतर में 14 से 16 प्रतिशत तक नमी मिली। अधिक नमी के कारण अधिकतर ढेरियां रिजेक्ट कर दी गईं। इसके अलावा मौसम विभाग की भविष्यवाणी की 16 और 17 को बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि अधिकतर गेहूं खुले आसमान के नीचे है।
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सोमवार दोपहर बाद नई अनाज मंडी में गेहूं की अधिकारिक तौर पर खरीद शुरू की गई। खरीद के पहले दिन मंडी के आढ़तियों के साथ सरकारी खरीद एजेंसी की बातचीत हुई और इसके बाद ही अधिकारियों ने गेहूं की ढेरियां जांची। जांच के दौरान अधिकांश किसानों की फसलों में निर्धारित नमी से अधिक नमी पाई गई। अधिकारियों ने जिन किसानों की फसल में नमी अधिक पाई, उसे सुखाने का समय दिया और फिर आगे बढ़ गए। भिवानी अनाज मंडी में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है।

बारिश की संभावना से किसानों की बढ़ी चिंता
मंडी में अत्यधिक गेहूं आने से शेड और खुले आसमान के नीचे भी हजारों क्विंटल गेहूं है। मौसम विभाग ने 16 व 17 अप्रैल को मौसम में परिवर्तन की संभावना जताई हैं, इस दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के आसान भी बने हुए हैं। कुछ किसान तो मौसम विभाग की चेतावनी के चलते अपनी फसल अभी मंडी में लेकर ही नहीं आए हैं, जबकि जिन किसानों की फसल फिलहाल मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं, उसे भिगने से बचाव के फिलहाल कोई प्रबंध नहीं हैं।
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मंडी में गेहूं भीगा तो आढ़ती होगा जिम्मेवार
गेहूं की सरकारी खरीद में किसानों की फसल मंडी में उतरवाने वाले आढ़तियों को सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर बारिश में किसान का गेहूं भीगा तो उसकी जिम्मेवारी होगी। इसके अलावा गेहूं का पूरा तोल और अच्छी तरह से साफ-सफाई भी करानी होगी।

इन अधिकारियों ने किया मंडी का दौरा
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ सतबीर सिंह, एचए रामफल, मंडी इंचार्ज खरीद निरीक्षक मुकेश कुमार पहुंचे और मंडी के सभी व्यापारियों से मौके पर बातचीत कर सरकार की तरफ से जारी की गई हिदायतों से अवगत कराया। इस दौरान व्यापारियों ने भी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। जिस पर अधिकारियों ने उनका मौके पर ही निदान भी किया।

23 गांवों के 2327 किसानों की खरीदी 51 हजार क्विंटल सरसों
अब तक हैफेड द्वारा जिले भर के 23 गांवों के 2327 किसानों की करीब 51 हजार क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है। सोमवार को गांव ढाणी बीरण, बजीणा के करीबन 350 किसानों की आठ हजार क्विंटल सरसों खरीद की गई। भिवानी चारा मंडी में हैफेड के परचेजर नवीन ने बताया कि 47 हजार क्विंटल सरसों के कट्टों का उठान हो चुका है, जबकि मंडी के अंदर केवल आठ हजार कट्टे ही बचे हैं।

पुराने पेटर्न पर गेहूं की सरकारी तौर पर खरीद शुरू हो चुकी है। इसमें सभी व्यापारी पूरा सहयोग कर रहे हैं। किसान की फसल का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से होगा, इसलिए पूरी जिम्मेवारी आढ़ती की है। सरकार से गेहूं की खरीद पर आढ़तियों को ढाई फीसदी कमीशन दिया जा रहा है। पुराने किसान संबंधित व्यापारियों के माध्यम से अपनी गेहूं की फसल बिक्री करा रहे हैं।
- बजरंगलाल, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।
मंडी में गेहूं बिक्री करने आने वाले किसानों के आढ़तियों द्वारा आई और जे फार्म कांटे जाएंगे। उसी दिन इन फार्मों को जमा कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि सरकार की हिदायतों के अनुसार किसान को 72 घंटे के दौरान उसकी फसल का भुगतान हो सके। गेहूं में 12 प्रतिशत नमी के साथ 1840 रुपये के निर्धारित रेट पर गेहूं खरीद किया जाएगा। पहले दिन करीब पांच हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, अधिकांश फसल में ज्यादा नमी होने से सुखाने का टाइम दिया गया है।
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-मुकेश कुमार, निरीक्षक मंडी खरीद इंचार्ज भिवानी।
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