अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। आपराधिक घटनाओं में आरोपियों की पहचान और पोस्टल चालान के लिए जल्द ही शहर हांसी गेट चौक और घंटाघर चौक पर वायरलेस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी तैयारी हो गई और इनके लगाने पर करीब 20 लाख का अनुमानित खर्च आएगा। नगर परिषद की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे।
शहर में आपराधिक घटनाओं में अपराधियों की पहचान के लिए मुख्य चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग पिछले करीब तीन साल से चल रही है। छात्र नेता और महापंचायत संयोजक संपूर्ण सिंह ने रेलवे स्टेशन के बाहर अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर इसकी शुरूआत भी की। इसके बाद सांसद धर्मबीर सिंह ने भी शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सांसद कोष से साढ़े सात लाख रुपये दिए। मगर इस राशि से कैमरे नहीं लगाए गए। कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग के पास फाइलों में घुमता रहा। आखिरकार यह राशि लैप्स हो गई। शहरी निकाय निदेशालय अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कहता रहा। इसके लिए नप अधिकारियों से सर्वे भी करवाया गया। मगर अभी तक भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
लंबे अरसे से लटकते सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रोजेक्ट पर अब कुछ काम होने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने अब शहर के दो मुख्य चौकों घंटाघर चौक और हांसी गेट चौक पर वायरलेस सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लान बनाया है। इनके कंट्रोल रूम थानों में होंगे। ट्रायल आधार पर लगाए जा रहे ये सीसीटीवी एचडी क्वालिटी के होंगे। इसके अलावा इनका फोकस ऐसा होगा कि मार्ग से गुजरने वाले वाहन का नंबर तक साफ नजर आ सके। पुलिस प्रशासन इन कैमरों का मुख्य फायदा पोस्टल चालान में करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपराधी इनकी नजर में आते हैं तो भी पुलिस को पहचान में आसानी होगी। पहली दफा दो चौकों पर लगाए जा रहे वायरलैस सीसीटीवी कैमरों के लगाने के लिए नप की ओर से करीब 20 लाख अनुमानित खर्च रखा है।
शहर के मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाने का प्रपोजल तैयार
पुलिस प्रशासन ने इन दो चौकों पर वायरलेस सीसीटीवी के अलावा शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थानों व मुख्य मार्गों पर भी सीसीटीवी लगाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। जरूरत वाले स्थानों के किए सर्वे के अनुसार पुलिस प्रशासन ने 41 प्वाइंट चिह्नित किए हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यहां करीब 230 कैमरे लगाए जाएंगे। अब प्रपोजल तैयार कर नप के माध्यम से शहरी निकाय निदेशालय भेजा जाएगा ताकि कैमरे लगाने के लिए बजट मंजूर हो सके। इनका कंट्रोल रूम कहां हो इसके लिए भी विचार-विमर्श चल रहा है। प्लानिंग है कि जहां भी कैमरे लगेंगे वहीं नजदीकी थाने-चौकियों में कंट्रोल रूम बनाया जाए। इसके अलावा मुख्य कंट्रोल रूम एसपी कार्यालय में ही रहेगा।
कुछ जगह लगे हैं अच्छी क्वालिटी के कैमरे
शहर में अभी भी कुछ जगह अच्छी क्वालिटी के कैमरे लगे हैं। हांसी गेट पर कुछ जगह, हलवासिया स्कूल के पास, वैश्य कॉलेज के पास चौक पर, आदर्श महिला महाविद्यालय के बाहर अच्छी क्वालिटी के कैमरे लगे हैं, जो पुलिस के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर लगाए गए सीसीटीवी अब खराब हो चुके हैं।
अब तक कटे नामात्र के पोस्टल चालान
शहर में पोस्टल चालान अब तक ना के बराबर ही कटे हैैं। पिछले दिनों वायर वीडियो में पुलिस अधीक्षक व पुलिस विभाग को चैलेंज करने वाले व्यक्ति का ही पोस्टल चालान कर घर भेजा गया था। वह भी विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक पर वीडियो वायरल हुई थी।
वर्जन:::
अभी शहर के दो चौक पर वायरलैस सीसीटीवी लगाने की योजना है। इससे आपराधिक घटनाओं में तो मदद मिलेगी ही पोस्टल चालान में भी ये कारगर साबित होंगे।
-गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक
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वर्जन:::
ट्रायल आधार पर कुछ जगह कैमरे लगाए जाएंगे। करीब 20 लाख की लागत से ये कैमरे लगाए जाएंगे। सभी जगह कैमरों का पुलिस प्रशासन से प्रपोजल मांगा है। प्रपोजल, जगह आदि तय होने के बाद प्रपोजल मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
-रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद