फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुआवजा राशि से बचने के लिए बीमा कंपनी ने लौटाया प्रीमियम

विज्ञापन
विज्ञापन
तोशाम। ओलावृष्टि से प्रभावित सरसों और गेहूं की फसल के मुआवजे का इंतजार कर रहे गांव देवावास के किसानों के साथ बैंक ने मजाक किया है। बैंक ने करीबन छह महीने के बाद बीमा की प्रीमियम राशि किसानों के खातों में वापस लौटा दी है। गांव में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई थी। मामले को लेकर किसान बेहद दुखी हैं और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

मालूम हो कि इलाके के विभिन्न गांवों के साथ गांव देवावास में भी ओलावृष्टि से सरसों व गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। ग्रामीणों की मानें तो 70 प्रतिशत से अधिक फसल ओलावृष्टि से खराब हो गई थी। जिन किसानों का केसीसी कार्ड था उनके खाते से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रीमियम राशि किसानों के खाते से बैंक ने काट ली थी। गांव देवावास के सौ से अधिक किसानों का केसीसी खाता सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक शाखा ईशरवाल में है। गांव में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हुई तो किसानों के पास सूचना मिली कि जिन किसानों की फसलों का बीमा है वे किसान मुआवजे के लिए 24 घंटे में फार्म भरकर जमा करवा दें। किसानों द्वारा यह कार्य भी कर दिया गया। एक ओर किसान मुआवजे की बाट जोह रहे थे, वहीं बैंक ने मजाक कर दिया है।
जनवरी 2017 में बैंक ने बीमा की प्रीमियम राशि किसानों के खाते से काट ली गई थी। इसके करीब 6 महीने बाद जुलाई माह में बिना ब्याज के साथ मूल राशि को किसानों के खातों में लौटा दिया गया है। किसान घटना से सदमे में हैं। गांव देवावास के सौ से ज्यादा ऐसे केसीसी कार्ड धारक किसान हैं जिनकी राशि लौटाई गई है।
विज्ञापन

गांव के सरपंच रामधारी ने बताया कि यह किसानों के किसी हादसे से कम नहीं है। उन्होंने बताया स्वयं मेरे केसीसी खाते से 1335 रुपये की प्रीमियम राशि काटी गई थी जिसको 4 जुलाई को वापस खाते में लौटा दिया गया है। प्रीमियम लौटाने के निर्णय को मजाक करार देते हुए सरपंच ने कहा कि गांव के सौ से ज्यादा केसीसी कार्ड धारक किसान हैं जिनकी राशि लौटाई गई है। सरपंच ने कहा कि किसानों को जल्द फसल बीमा की क्षतिपूर्ति राशि मिलनी चाहिए। सिर्फ प्रीमियम लौटाने से ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसान को राहत मिलने वाली नहीं है। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक शाखा ईशरवाल के मैनेजर जेबी गौतम से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले के बाद ड्यूटी ज्वाइन की है। तत्कालीन मैनेजर की मौत हो चुकी है।
--
वर्शन ....
कृषि विभाग के एडीओ लवकुश खुराना से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मामले में ज्यादा तो मालूम नहीं है लेकिन जानकारी मिली है कि प्रीमियम राशि किसानों के खातों में वापस आ गई है।
- लवकुश खुराना, एडीओ, कृषि विभाग
--
किसानों के साथ हमेशा मजाक होता है। किसानों की सुध किसे ने नहीं ली। मुआवजा देने की बजाए प्रीमियम राशि को 6 माह बाद लौटा देना किसान के साथ धोखा है। यूूनियन मामले में चुप नहीं बैठेगी।
विज्ञापन

- मेवा सिंह आर्य, जिला प्रधान, भाकियू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें