अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। निजीकरण बंद करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने आदि मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स सोमवार को सड़क पर उतर आईं। शहर में प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीसी कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार आंगनबाड़ी समेत सभी परियोजनाओं का निजीकरण करना चाहती है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर जिलेभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स नेहरू पार्क में एकत्रित र्हुइं। यहां जनसभा कर उन्होंने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद सभी जुलूस के रूप में हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचीं। यहां नारेबाजी कर रोष जताया और फिर डीसी कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
सभा की अध्यक्षता संतोष ग्रेवाल ने की। सीटू जिला सचिव अनिल कुमार ने कहा की 45वें श्रम सम्मेलन की रिपोर्ट को लागू नही किया जा रहा है। सीटू नेता ने कहा की भाजपा सरकार सत्ता में आने से पहले सभी कच्चे कर्मचारीयों को पक्का करने की बात कर रही थी। समान काम समान वेतन की मांग कर रही थी। सत्ता में आते ही सभी मुद्दों को भुला दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करने वाली भाजपा सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों का समाधान करने की बजाय तानाशाही रुख अपना रही है। आईसीडीएस की निदेशिका ने आंगनबाड़ी कर्मियों को धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि में शामिल न होने के लिखित में आदेश जारी कर दिए हैं। यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक कदम है। यूनियन इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगी। ज्ञापन से आंगनबाड़ी सेविकाओं को तृतीय और हेल्पर्स को चौथे दर्जे का कर्मचारी बनाए जाने, तब तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करने, 45 वें श्रम सम्मेलन की रिपार्ट लागू करने, निजीकरण पर रोक लगाने, शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों का छह हजार रुपये और ग्रामीण केंद्रों का तीन हजार रुपये किराया लागू करने, गर्मी और सर्दियों की छुट्टियां जारी करने, हेल्पर्स से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर पदोन्नति करने और उम्र की शर्त हटाने की मांग की। इस मौके पर बिमला बामला, मंजू बामला, गीता , कमलेश चांग, सत्यबाला, सुनीता, राजेश, कमलेश रिवाडी आदि मौजूद रही।