भिवानी। कृषि मंत्री के पैतृक गांव सहित जिले के 25 गांवों की 4835 एकड़ कृषि भूमि को अब जलभराव से स्थायी तौर पर मुक्ति मिल जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से भिवानी जिले को 24 करोड़ की बरसाती पानी निकासी की परियोजना को मंजूरी मिली है।
इस पर सिंचाई विभाग की भिवानी वाटर सर्विसेज डिविजन के तहत कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। इन पर आगामी 15 दिन बाद काम शुरू हो जाएगा। इन गांवों को बरसाती जलभराव के साथ सेम की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं किसानों की खड़ी फसल भी पानी में डूबने से बच जाएगी।
सिंचाई विभाग की भिवानी वाटर सर्विसेज डिविजन के तहत बरसाती पानी निकासी की चार परियोजनाओं को मंजूरी मिली हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 24 करोड़ का बजट खर्च आएगा। इनमें चरणबद्ध तरीके से बरसाती पानी की निकासी के स्थायी प्रबंध किए जाएंगे। इसमें भिवानी, बवानीखेड़ा और नारनौंद क्षेत्र के करीब 25 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं 4835 एकड़ भूमि जलभराव से मुक्त हो जाएगी।
इस परियोजना में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल का पैतृक गांव घुसकानी भी शामिल है। जो पिछले काफी लंबे अर्से से जलभराव का दंश झेल रहा है। इस गांव की अधिकांश भूमि सेमग्रस्त भी हो गई है। इससे अधिकांश किसान फसल उत्पादन भी नहीं ले पा रहे हैं। इन किसानों को अब इस समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलेगी।
जिले के इन गांवों में होगी बरसाती पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था
भिवानी जिले के बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव कुंगड़, जताई, धनाना, बड़ेसरा, सिवाड़ा, प्रेमनगर, घुसकानी, ढाणी सुखान आदि गांवों की करीब दो हजार एकड़ भूमि जलभराव मुक्त होगी। इन खेतों का पानी ड्रेन तक पाइप लाइन के जरिये पहुंचाया जाएगा। इसी तरह मुंढाल क्षेत्र के 1500 एकड़ कृषि भूमि से बरसाती पानी की निकासी कर बारिश का पानी मुंढाल माइनर तक पाइप लाइन के जरिये पहुंचेगा। इसमें सिंघवा खास, पुट्टी और मदनहेड़ी को भी जलभराव से मुक्ति मिलेगी। इसी तरह मुंढाल के 885 एकड़ कृषि भूमि के बरसाती पानी को मिताथल फीडर तक पाइप लाइन डालकर पहुंचाया जाएगा। गांव बापोड़ा की करीब 300 एकड़ कृषि भूमि से बरसाती पानी की निकासी होगी। इसके लिए ड्रेन तक पाइप लाइन डालकर इस पानी की निकासी की व्यवस्था होगी। इसी तरह गांव कुंगड़, पुट्टी, सामान, सिंघवा, सुखपूरा, धनाना, बड़ेसरा, मिताथल, सीसर, सोरखी, मिरान, लोहानी और देवसर गांवों से बरसाती पानी की निकासी स्थायी व्यवस्था कराई जाएगी।
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उच्च घनत्व पॉलिथीन पाइपलाइन से 30 साल तक नहीं होगी मेंटनेंस की जरूरत
सिंचाई विभाग द्वारा बरसाती पानी की निकासी में उच्च घनत्व पॉलिथीन पाइपलाइन का इस्तेमाल करेगा। एचडीपीई की वजह से अगले 30 सालों तक इसकी मेंटनेंस की जरूरत भी नहीं होगी। ये पाइप लाइन काफी मजबूत और सुरक्षित रहेगी। इसे भूमि में काफी नीचे तक दबाया जाएगा। इसके जरिये आसानी से खेतों में बारिश का अतिरिक्त पानी सीधा ड्रेन या माइनर तक पहुंचेगा। इसका इस्तेमाल सूखाग्रस्त इलाके के किसानों द्वारा फसलों की सिंचाई में किया जाएगा।
हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भिवानी की बरसाती पानी निकासी की चार परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन चारों परियोजनाओं पर करीब 24 करोड़ का बजट खर्च आएगा। इसके जरिये खेतों में अतिरिक्त बरसाती पानी का पाइपलाइन के जरिए ड्रेन व माइनर तक निकासी कराई जाएगी। इसके वर्क ऑर्डर हो चुके हैं और आगामी 15 दिन में काम शुरू करा दिया जाएगा।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी डिविजन सिंचाई विभाग।
हरियाणा सरकार द्वारा भिवानी जिले के सूखा ग्रस्त और जलभराव से प्रभावित इलाकों के लिए करोड़ों का बजट दिया जा रहा है। सेमग्रस्त भूमि के लिए भी किसानों के प्रोत्साहन महत्वाकांशी योजना सरकार चला रही है। किसानों को जलभराव से फसल खराब होने की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी।
-जयप्रकाश दलाल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हरियाणा सरकार।