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Bhiwani News: जिले में 124 में से 44 चिकित्सकों ने की हड़ताल, ओपीडी में 20 बीएमएस स्टूडेंट ने संभाला मोर्चा

Wed, 27 Dec 2023 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई। बुधवार को भिवानी जिले में 124 चिकित्सकों में से 44 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दौरान 20 बीएमएस स्टूडेंट ने ओपीडी में मोर्चा संभाला, फिर भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रहने से मरीज बिना उपचार ही वापस लौटे। वहीं ओपीडी प्रभावित रहने का असर इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ा।
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आपातकालीन विभाग में सामान्य से दोगुने मरीज पहुंचे, लेकिन गंभीर मरीजों को ही उपचार मिला, बाकी मरीजों को उपचार मिला न दवाई। अधिकांश लोग तो 50 किलोमीटर ग्रामीण इलाकों से ओपीडी में पहुंचे थे, जिन्हें डॉक्टरों की हड़ताल की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं अनुबंधित चिकित्सकों ने भी ओपीडी जांची। बुधवार को 849 मरीजों की ओपीडी में जांच हुई। जबकि सीएमओ ने भी ओपीडी में मरीज जांचे। वहीं हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में सात ऑपरेशन नहीं हुए।
भिवानी जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों में मरीजों से खचाखच भरी रहती है। रोजाना ही 1200 से 1300 मरीज उपचार के लिए आते हैं, मगर बुधवार को यहां सन्नाटा पसरा हुआ था। ओपीडी स्लिप खिड़की के अलावा दवा खिड़की पर भी मरीज गायब थे, क्योंकि उन्हीं मरीजों को दवाइयां मिल रही थीं, जिनकी पर्ची पर डॉक्टर ने लिखा है। नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग विशेषज्ञ के अलावा कई चिकित्सकों की कुर्सी खाली थी। जबकि मेडिसन, पेडिटेशन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में चेकअप की व्यवस्था रही।
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डॉक्टरों की हड़ताल के चलते राजकीय नेत्र जालान अस्पताल में आंखों के 22 ऑपरेशन हुए। जबकि जिला नागरिक अस्पताल की ओटी में सर्जरी का कोई ऑपरेशन नहीं हुआ। हड़ताल के दौरान जिलेभर में तैनात 124 चिकित्सकों में से 44 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इसमें भिवानी नागरिक अस्पताल में 40 में से 19 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। जबकि आउटर में 84 चिकित्सकों में से 25 चिकित्सकों ने हड़ताल की।


ये स्वास्थ्य सेवाएं रहीं ठप
जिला नागरिक अस्पताल सहित कस्बाई अस्पतालों में ओपीडी प्रभावित हुई। पहले से उपचार ले रहे मरीजों की विशेषज्ञों से चेकअप नहीं हो पाया। अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। वार्डों में दाखिल मरीजों का चेकअप भी नहीं हुआ। न मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली। चिकित्सकों के कक्ष के आगे हड़ताल का नोटिस लगाया गया, जिसे पढ़ने के बाद लोग वापस लौटे।


ये स्वास्थ्य सेवाएं रही जारी
जिला नागरिक अस्पताल सहित सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं। इसके अलावा सिटी स्कैन और एमआरआई टेस्ट हुए। लैब में खून के नमूनों के अलावा मरीजों के टेस्ट भी हुए। मरीजों को परामर्श देने वाले काउंसलर भी ओपीडी में बैठे। दवाइयों का काउंटर और ओपीडी स्लिप काउंटर भी खुला रहा।


सिविल सर्जन ने एक घंटे जांचे ओपीडी में मरीज
सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य ने भी ओपीडी में करीब एक घंटे तक मरीजों की जांच की। इसके अलावा अन्य चिकित्सकों जो हड़ताल पर नहीं रहे उन्होंने भी ओपीडी में मरीजों की जांच की। बुधवार को करीब 849 लोगों की ओपीडी में जांच कराई गई। जबकि काफी मरीजों को वापस लौटना पड़ा।


प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे मरीज
बुधवार को सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण निजी अस्पतालों में चिकित्सकों की ओपीडी सामान्य दिनों से अधिक रही। नागरिक अस्पताल से निराश लौटे लोग प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचे। जहां न केवल ओपीडी की पैसे देकर पर्ची कटाई। वहीं बाजार से महंगी दवाइयां भी खरीदनी पड़ी। शहर में करीब 75 से अधिक निजी अस्पताल हैं, जिनमें मरीजों की ओपीडी सामान्य से अधिक देखी गई।

जिलेभर में 124 चिकित्सकों में से 44 चिकित्सक बुधवार को हड़तताल पर रहे हैं। हड़ताली चिकित्सकों की रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई है। हड़ताल के दौरान बीएमएस स्टूडेंट के अलावा अधिकांश चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों की जांच की है। राजकीय आई अस्पताल में 22 ऑपरेशन भी किए गए हैं।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।


ये बोले मरीज
मैं बुधवार को नागरिक अस्पताल में चेकअप कराने के लिए महेंद्रगढ़ से आया था। मुझे सीटी स्कैन कराना था। अस्पताल में आने के बाद पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। इसके कारण मुझे परेशानी का सामना करना पड़ा।
-शिव कुमार, महेंद्रगढ़ निवासी


नागरिक अस्पताल में मेरे टूटे हाथ का ऑपरेशन हुआ था। मेरे हाथ में दर्द है और मैं दवाई लेने अस्पताल में आई थी। मुझे अस्पताल पहुंचने के बाद हड़ताल का पता चला और डॉक्टर न होने के कारण मुझे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा और न ही मुझे दवाइयां मिलीं।

-राजल देवी, गांव सुरपूरा बहल निवासी
मुझे पेट दर्द और खून उल्टी हो रही थी। इस कारण में नागरिक अस्पताल में चेकअप के लिए आ गया और यहां आने के बाद मुझे पता चला के डॉक्टरों की हड़ताल है। जिस वजह से मुझे बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अब मुझे प्राइवेट डॉक्टर से दिखाना पड़ेगा।
-ओमप्रकाश, झोझूकलां निवासी
मुझे मंगलवार शाम को बुखार हो गया था और पेट भी दर्द भी महसूस हो रहा था। इस वजह से बुधवार को मैं नागरिक अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए आई तो पता चला के कोई भी डाॅक्टर नहीं। पूछने पर पता चला के सभी डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं, जिस कारण न तो दवाई मिली और न ही उपचार।
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-अमरजीत कौर, झोझूकंला निवासी
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