अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हमें तो फीस से मतलब है, चाहे तुम भीख मांगकर लाओ। यह बोल एक बच्चे के अभिभावक को निजी स्कूल संचालक के हैं। इतने से भी मन नहीं भरा तो विडियो बनाने के शक में अभिभावक के हाथ से उसका मोबाइल फोन छीनकर दीवार पर दे मारा, जिससे फोन टूट गया वहीं उसकी बाइक को भी स्कूल के अंदर ही गिरवी रखवाकर उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया। ये आरोप एक बच्चे के अभिभावक ने पुलिस को दी शिकायत में लगाए है। शुक्रवार दोपहर बाद पीड़ित अभिभावक ने लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी।
जिले के गांव आसलवास मरहेटा निवासी श्यामसुन्दर ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा एक निजी स्कूल की छठी कक्षा में नियम 134ए के तहत दाखिल है। मगर स्कूल संचालक द्वारा उसके बच्चे की फीस जमा कराने के लिए उसके पास बार-बार फोन किया गया। इसी के चलते शुक्रवार सुबह 11 बजे वह स्कूल में गया था। मगर वहां पहुंचने के बाद स्कूल संचालक ने हिसाब किताब कर उसे 4450 रुपये की रसीद थमा दी गई। जबकि एक हजार रुपये वह 29 जनवरी को ही जमा करा चुका था, जिसकी रसीद भी उसके पास मौजूद है। श्यामसुंदर का आारोप है कि जब उसने स्कूल संचालक से उसके बेटे का विद्यालय में नियम 134ए के तहत दाखिला की बात कही तो उसने कहा कि हमें तो फीस से मतलब है, चाहे भीख मांगकर लाओ, फीस तो जमा करानी ही पड़ेगी। ये पूरी घटना भी स्कूल परिसर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
श्यामसुंदर ने बताया कि पिछले साल ही उसके बेटे ने नियम 134 ए के तहत शिक्षा विभाग द्वारा लिखित परीक्षा में हिस्सा लेकर मेरिट प्राप्त की थी। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर निजी स्कूल के अंदर छठी कक्षा में दाखिला मिला था, मगर अब स्कूल संचालक उसके बेटे को पढ़ाने के लिए भारी-भरकम फीस वसूलने के लिए उस पर दबाव बना रहा है। इसी के चलते स्कूल परिसर के अंदर उसके साथ बदसलूकी की गई और उसका मोबाइल फोन तोडने के साथ उसकी बाइक को भी गिरवी रखवा लिया गया। इस मामले की उसने एसपी को शिकायत देकर निजी स्कूल संचालक व वहां मौजूद स्टाफ सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट के आदेशों की अवमानना को लेकर कराएंगे कार्रवाई: बृजपाल परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने कहा कि उनके संगठन के समक्ष इस मामले की शिकायत बच्चे के अभिभावक ने दी है। इस मामले में निजी स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही माननीय हाई कोर्ट के आदेशों की अवमानना को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। क्योंकि नियम 134ए के तहत किसी भी बच्चे से स्कूल फीस नहीं वसूल सकता और ऐसा करने पर न्यायालय के आदेशों की अवमानना का केस बनता है।