भिवानी। रोडवेज कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे ही काम लेने का आदेश अब यात्रियों पर भारी पड़ेंगे। ओवर टाइम बंद करके लागू किए गए नए शेड्यूल के अनुसार भिवानी से चंडीगढ़ जाने वाली बस कैथल तक ही जाएगी । वहीं दिल्ली होते हुए मथुरा जाने वाली बस दिल्ली से ही वापस लौट आएगी। वाया गोहाना, पानीपत होकर चंडीगढ़ जाने वाली बस करनाल से ही वापस लौट आएगी। यानी यात्रियों को चंडीगढ़, मथुरा जाने के लिए बार-बार बसें बदलनी होगी। इतना ही नहीं सोमवार को एडवांस बुकिंग बंद होने से यात्री परेशान रहे और बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों ने भी चेतावनी दी है कि वे सप्ताह में 48 घंटे नहीं बल्कि हर रोज आठ घंटे ही काम करेंगे। जिसके बाद अब रोडवेज प्रबंधन ने आठ घंटे ही ड्यूटी की प्लानिंग बनाई है।
15 नवंबर को राज्य परिवहन के निदेशक ने सभी जिलों के जीएम को पत्र लिखकर कर्मचारियों के ओवरटाइम खत्म करने के निर्देश दिए थे। साथ ही कर्मचारियों को ओवरटाइम देने पर जीएम, टीएम और ड्यूटी सेक्शन के अधिकारियों से रिकवरी की बात कही थी। जिसके बाद अब रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों ने कर्मचारियों के ओवरटाइम खत्म करने के लिए ड्यूटी में बदलाव किया है। क्लर्की व अन्य कार्य कर रहे 55 कंडक्टरों की ड्यूटी बसों पर लगाई गई। लेकिन सोमवार से लागू नई व्यवस्था यात्रियों पर भारी पड़ रही है। यात्रियों को लंबे रूट की यात्रा के दौरान बार-बार बसें बदलनी पड़ेंगी। अब उन्हें बस स्टैंड से नहीं बसों के अंदर ही टिकट मिलेगी और सीट की गारंटी नहीं। अव्यवस्था फैलने पर कर्मचारी नेताओं ओमप्रकाश ग्रेवाल, नरेंद्र दिनोद, राज कुमार दलाल, ईश्वर सिंह, महिपाल ने नई व्यवस्था पर रोष जताया और कहा कि सभी कर्मचारी अब दिन में आठ घंटे ही ड्यूटी करेंगे।
लंबे रूट की बसों के रास्तों में कटौती
लंबे रूट चंडीगढ़, मथुरा जाने वाली बसों के रास्तों में कटौती की गई है। सुबह साढ़े चार बजे जींद होकर चंडीगढ़ जाने वाली बस कैथल से ही वापस लौट आएगी। कैथल से यात्रियों को चंडीगढ़ के लिए दूसरी बस पकड़नी होगी। इसी तरह महम, गोहाना, पानीपत, करनाल होकर चंडीगढ़ जाने वाली बस करनाल से ही वापस लौट आएगी। सुबह 7:20 पर सीकर जाने वाली बस झुंझुनू से ही वापस लौट आएगी। दिल्ली होते हुए मथुरा जाने वाली बस दिल्ली से ही वापस लौट आएगी। इसके अलावा अजमेर जाने वाली बस के चालक परिचालक जयपुर में रात्रि ठहराव करेंगे। उन्हें इसके लिए टीए दिया जाएगा।
एडवांस बुकिंग बंद, कैसे कटेंगी टिकटें
क्लर्क व अन्य ड्यूटी कर रहे सभी ड्राइवर, कंडक्टर की ड्यूटी अब रोडवेज बसों में लगाई गई है। ऐसे में एडवांस बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। सालाना डेढ़ करोड़ तक की एडवांस बुकिंग होती है। बस स्टैंड पर बने टिकट बुकिंग बूथ भी अब खाली है और यहां यात्रियों को अब टिकटें नहीं मिल रही बल्कि यात्रियों को बस में ही टिकट देने के निर्देश दिए है। पहले बस स्टैंड पर टिकट मिलती और वहीं से सीट नंबर भी मिलता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा चालक भी चिंतित है क्योंकि अधिकतर यात्रियों की टिकटें बस स्टैंड पर ही कट जाती और रास्ते में बैठने वालों की ही टिकटें उन्हें काटनी पड़ती हैं।
हस्ताक्षर के लिए परेशान रहे परीक्षार्थी और पास बनवाने वाले
स्कूल-कॉलेज के बस पास, परीक्षा और इंटरव्यू के लिए जाने वाले परीक्षार्थियों के इंटरव्यू लेटर पर फ्री बस सुविधा के लिए बस स्टैंड पर मौजूद एसएस के हस्ताक्षर होते है। लेकिन एसएस का यहां से ट्रांसफर कर दिया गया है। ऐसे में परीक्षार्थी और पास बनवाने वाले भटकते रहे। तोशाम से आए अनिल कुमार ने बताया कि वह प्राइवेट स्कूल में कार्यरत है और स्कूली बच्चों के बस पास बनवाने थे लेकिन यहां हस्ताक्षर करने वाला ही कोई नहीं है। दो घंटे से परेशान भटक रहा है। परीक्षार्थी डोहकी वासी महेश और निगाणा कलां वासी अनुज ने बताया कि उनका पंचकुला में कंडक्टर का इंटरव्यू है। इंटरव्यू के लिए जो पत्र आया है, उसमें बस स्टैंड इंचार्ज के हस्ताक्षर करवाने हैं। यहां कोई है ही नहीं। जिस कारण वे चक्कर लगा रहे है। दोपहर तक भी इनके कागजात पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए थे।
कर्मचारियों की आठ घंटे की ड्यूटी कराने के लिए प्लान बनाया है। सुबह चंडीगढ़ जाने वाली बस कैथल से ही वापस आएगी। आगे यात्रियों को दूसरी बस से सफर करना होगा। वाया गोहाना, पानीपत, करनाल होकर चंडीगढ़ जाने वाली बस करनाल से वापस आएगी। इसी तरह अन्य रूटों की व्यवस्था की गई है।
जयकिशन, ड्यूटी इंस्पेक्टर
भिवानी रोडवेज डिपो