अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम (एनएपीएस) के तहत सामान्य अस्पताल में लगे 18 प्रशिक्षुओं को टर्मिनेट कर दिया है। उनकी भर्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिसके लिए सिविल सर्जन ने नियुक्ति देने वाले नोडल ऑफिसर से जवाब मांगा है। ये प्रशिक्षु फरवरी माह से लगे थे और इन्हें प्रशिक्षण के साथ मानदेय (स्टाईपेंड) भी दिया जा रहा था। भर्ती को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि ना ये प्रशिक्षु आईटीआई हैं और इनकी उम्र पर भी सवाल हैं जबकि नोडल ऑफिसर का कहना है कि प्रशिक्षुओं की नियुक्ति नियमानुसार है और अब पहले कुछ ट्रेड में सिर्फ 10वीं, 12वीं और स्नातक पास को भी अनुमति दी गई थी जिन्हें अब आईटीआई अनिवार्यता किए जाने के कारण हटाया गया है।
नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम (एनएपीएस) के तहत अर्धकौशल को कौशल बनाकर रोजगार के लायक तैयार करना था। सभी विभागों में स्कीम के तहत प्रशिक्षु लगाए गए जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन्हें मानदेय (स्टाइपेंड) भी दिया जा रहा है जो कि करीब साढ़े छह हजार है। योजना आईटीआई पास करने वाले युवाओं को ट्रेंड करने की थी।
फरवरी 2018 में सामान्य अस्पताल में भी करीब 35 प्रशिक्षु प्रशिक्षण के लिए विभिन्न ट्रेडों के लगाए गए। ये प्रशिक्षण ले रहे थे। बताया जाता है कि मुख्यालय में हुई शिकायत के बाद इनकी जांच की गई। जांच में करीब 18 प्रशिक्षुओं को गलत तरीके से प्रशिक्षण लेते हुए पाया गया। इनकी भर्ती पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं। नियमानुसार आईटीआई पास या आईटीआई नहीं मिलने की सूरत में विशेष ट्रेड में छूट के तहत 10वीं पास 21 वर्ष से कम आयु के युवाओं को ही प्रशिक्षु लगाया जाना था। मगर यहां भर्ती नियमों के अनुरूप नहीं हुई। अब मुख्यालय के निर्देश पर इन 18 प्रशिक्षु को हटा दिया गया है। भर्ती हुए 35 प्रशिक्षु में कोई मार्च महीने में भर्ती हुआ तो कोई अप्रैल माह में।
ये हुए टर्मिनेट
इंदीवाली वासी दिनेश, तिगड़ाना वासी सिद्धार्थ, मदिना वासी अनुज कुमार, तिगड़ाना वासी बिनु कुमार, भिवानी वासी रामकिशन, सिवानी वासी सुमित, घुसकानी वासी रामअवतार,काकड़ौली वासी मुकेश, महेंद्रगढ़ वासी संदीप, धनाना वासी सत्यवान, बामला वासी रूपचंद, सागवान वासी अमित कुमार, डोहका वासी ललित, तुमबहेरी वासी पूनम, काकड़ौली वासी जितेंद्र, बापोड़ा वासी योगेश, जुलाना वासी वकील, भिवानी वासी अनीता शामिल हैं।
नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम प्रशिक्षुओं की भर्ती नियमानुसार आईटीआई से अप्रूव्ड होने के बाद गाइलाइंस के अनुसार हुई थी। गाइडलाइंस में आईटीआई को प्राथमिकता थी और आईटीआई किए हुए बेरोजगार नहीं मिलने की सूरत में कुछ विशेष ट्रेड माली, एचएएस, एफओए, बीओए आदि के लिए 10वीं, 12वीं और स्नातक पास भर्ती करने थे। बिना नियमों के तो प्रशिक्षु को पोर्टल अप्रूव्ड ही नहीं करेगा। अब नया पत्र मुख्यालय से आया है कि आईटीआई को ही प्रशिक्षु लगाओ। इसके बाद पहले से लगे बिना आईटीआई और 10वीं आधार पर लगे प्रशिक्षु हटाए गए हैं। अब सिविल सर्जन से जवाब मांगे जाने संबंधित पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलेगा तो जवाब दिया जाएगा। उनके पास गाइडलाइंस हैं।
-डॉ. एसके कौशिक, प्रशासनिक अधिकारी, नोडल ऑफिसर सामान्य अस्पताल
मुख्यालय के निर्देश के बाद नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम में लगे 18 प्रशिक्षुओं को टर्मिनेट कर दिया गया है। ये स्टाईपेंड भी ले रहे थे। इस बारे में नोडल ऑफिसर से दो दिन में जवाब मांगा है जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संध्या गुप्ता, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी