भिवानी। विकास के मुद्दे पर हुई नगर परिषद की बैठक हंगामे दार रही। एजेंडे में शामिल बिंदुओं पर तो चर्चा नहीं हुई लेकिन अन्य मुद्दों पर करीब दो घंटे बहस चली। पार्षदों ने आवास योजना के सर्वे में 20-20 हजार रुपये लेकर नाम शामिल किए जाने के आरोप लगाए तो नप अधिकारियों ने भी इसे स्वीकार किया। इसे रद्द करके दुबारा से कराए जाने की मांग उठी। वहीं स्ट्रीट लाइटों पर सवाल उठे तो प्रधान ने सभी लाइट बदलने के निर्देश दिए। नप के स्वयं का शौचालय बदहाल होने की शिकायत पर सचिव ने एसआई को चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
नगर परिषद की बैठक प्रधान रण सिंह यादव की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे शुरू हुई। शुरूआत सफाई के मुद्दे से हुई। जिसके बाद लाइट्स, आवास योजना, शौचालय राशि, गली निर्माण आदि मुद्दों को लेकर पार्षदों ने अपनी बात रखे। बैठक में नप चेयरमैन के अलावा पार्षद मुकेश रहेजा, सुशीला देवी, ईश्वर मान, मुनिया तंवर, हर्षदीप, मंजू रानी, कविता यादव, पूजा यादव, दलबीर छोटू, कविता, ज्योति तंवर, सचिन जूसवाला, ज्योति कामरा, राज कुमार, गोविंद राम, नरेंद्र सर्राफ, आकाश मस्ता, विजय तंवर, संदीप भारद्वाज, बलवान सिंह मौजूद रहे।
लोग म्हारे कपड़े फाड़न नै हो रे है
आवास योजना में नाम कटने व पात्र लोगों को भी लाभ नहीं मिलने पर जमकर हंगामा हुआ। उप प्रधान मामनचंद और पार्षद दलबीर छोटू ने कहा कि लोग म्हारे कपड़े फाड़न नै हो रे है। पहली लिस्ट में नाम और दूसरी में गायब हो गया। नप सचिव ने बताया कि योजना के तहत साढ़े 12 करोड़ रुपये की राशि आई हुई है। यहां 3900 के आवेदन आए थे, जिनमें आठ सौ के करीब ही ठीक पाए गए है। पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि 20-20 हजार रुपये लेकर सर्वे में नाम शामिल किए है। नप सचिव ने भी यह बात मानी। इसके बाद सर्वे को कैंसिल करने की मांग रखी गई। जिस पर नप चेयरमैन ने बताया कि सर्वे सेंट्रल गवर्नमेंट की स्कीम के तहत हुआ था। इस बारे में लिखकर इसे रद्द करवाया जाएगा और नए सिरे से सर्वे करवाया जाएगा।
ऐसी लाइट तो बाथरूम में होया करै
नगर परिषद की ओर से घंटाघर से दादरी गेट तक के बाजार मार्ग पर लगाई स्ट्रीट लाइटों पर भी बैठक में सवाल उठे। पार्षद आकाश मस्ता की ओर से प्रतिनिधि पानू मस्ता ने सवाल कहा कि लाइटें लगी, फिर भी अंधेरा है। पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि ऐसी लाइट तो बाथरुमा पर होया करै। जिस पर नप चेयरमैन रण सिंह ने लाइटें हटवाकर इनकी जगह 90 वॉट की लाइटें लगाने के निर्देश दिए। अब करीब 50 लाइटें खरीदने का प्लान तैयार किया गया। पार्षदों ने नया बाजार से रोहतक गेट तक भी नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की।
10 कॉलोनी, एक भी सफाई कर्मचारी नहीं
वार्ड पांच से पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि उनके वार्ड में विकास नगर, कीर्ति नगर, परशुराम नगर, नई बस्ती, बावा नगर, गिरीराज कॉलोनी, राधा स्वामी नगर, विद्या नगर, औद्योगिक एरिया आदि क्षेत्र है। पिछले कुछ माह से एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है। इस पर नप चेयरमैन ने कहा कि जल्द ही आधे शहर का पहले की तरह सफाई का ठेका दे रहे है। इस प्रक्रिया में 20 दिन लगेंगे। तब तक उन्होंने एसआई विकास को निर्देश दिए कि अगर कोई शिकायत आई तो आप जिम्मेवार होंगे। यह बात उठी तो पार्षद विजय तंवर ने बताया कि उनकी कॉलोनी पटेल नगर, विजय नगर में भी कोई सफाई कर्मी नहीं है।
सप्ताह में एक दिन लगती है झाडू़
वार्ड तीन से महिला पार्षद सुशीला ने बताया कि वार्डमें सप्ताह में एक दिन झाडू़ लगती है। इस पर नप चेयरमैन ने कहा कि वार्ड वासियों ने तो कोई शिकायत नहीं की। जवाब में सुशीला देवी ने कहा कि अभी इकट्ठे करके लाऊ। नप चेयरमैन ने कहा कि शिकायत होती तो हम भी सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार को जिम्मेदार ठहरा सकेंगे। वार्ड पार्षद ने कहा कि उनके यहां जो स्ट्रीट लाइटें लगी है वो ही नहीं जल रही।
खुद को शौचालय खराब और संभाल रहे शहर में सफाई की जिम्मेदारी
पार्षद सुभाष तंवर ने कहा कि नगर परिषद के शौचालय की हालत खराब है। हमारे घर में सफाई नहीं और पूरे शहर सफाई की जिम्मेवारी ले रखी है। जिस पर सचिव राजेश महता ने भी कहा कि यह शर्म का विषय है। उन्होंने एसआई विकास को कहा कि तीन दिन में ठीक नहीं किया तो उनके खिलाफ एक्शन किया जाएगा। एसआई ने भी जवाब दिया और कहा कि वहां पानी का कनेक्शन नहीं है। यह काम टेकिभनकल ब्रांच का है। शहर में 20 शौचालय है क्या सभी में हम कनेक्शन करवाएंगे। सुभाष ने ढाणी महताब, हालुवास गेट आदि क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने की बात भी रखी।
बैठक में चर्चा नहीं, फिर भी एजेंडे के प्रस्ताव पास
करीब दो घंटे तक चली मीटिंग में एजेंडे के प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं की गई। बाद में इन्हें पास कर दिया गया। जिसमें डोर टू डोर कचरा उठान के लिए 10 टेंपो खरीदने, जेसीबी मशीन खरीदने, शहर के बढ़े 150 एकड़ के क्षेत्र में विकास कार्य कराने आदि शामिल है।
ठेका दिया तो होगा विरोध
नप के सफाई कर्मचारियों ने आधे शहर की सफाई का ठेका देने के प्लान का विरोध किया और कहा कि नप ठेके पर सफाई कर्मी लगाए। इससे बेरोजगारों को भी रोजगार मिलेगा। प्रधान कमल कांगड़ा, पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सफाई का टेंडर किसी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा।