उअमर उ उजाला ब्यूरो
भिवानी। रागिनी कलाकार विकास शर्मा पंडित लख्मीचंद यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर होंगे। यह घोषणा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने की। शिक्षा मंत्री ने विकास को पुरस्कृत भी किया। शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के जन्मदिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान कलाकार विकास शर्मा ने रागिनी प्रस्तुत की तो विधायक खरक बिशंबर वाल्मीकि ने घड़वा (ंमटका) बजाया।
भिवानी के हुडा पार्क के बाहर शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में रामबिलास शर्मा कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद जाने की तैयारी करने लगे तो उनकी नजर रागिनी सुना रहे झज्जर जिले के गांव पासो वासी विकास शर्मा पर पड़ी। इसके बाद वह कलाकार विकास के पास उन्हें सम्मानित करने पहुंचे। इसी दौरान विधायक खरक बिसंबर वाल्मीकि भी वहां पहुंच गए। जब शिक्षा मंत्री विकास को सम्मानित कर रहे थे तो विधायक बिशंबर वाल्मीकि ने वहां मटका बजा रहे कलाकार सहयोगियों से मटका लिया और स्वयं रागिनी की धुन पर मटका बजाया। इस दौरान शिक्षा मंत्री भी वहीं बैठ गए। शिक्षा मंत्री ने वहीं पर घोषणा की कि सोनीपत में पंडित लख्मीचंद विश्वविद्यालय बनाया जाना है और विकास शर्मा को वहां का डायरेक्टर बनाया जाएगा।
पंडित लख्मीचंद संग्रहालय के लिए दिए थे 21 लाख
कलाकार विकास शर्मा ने अब तक एक सौ से अधिक रचनाएं प्रस्तुत की हैं। उन्होंने हरियाणवीं संस्कृति को बचाने के लिए म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान संगठन बनाया है जिसमें वह मुख्य सलाहकार है। यह संगठन कोंट-उमरावत गांव के पास पंडित लख्मीचंद संग्रहालय बना रहा है जिस पर करोड़ों का खर्च आने की संभावनाएं है। शिलान्यास कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने 21 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। कलाकार विकास शर्मा ने बताया कि संग्रहालय में प्रदेशभर के कवियों की रचनाओं को रखा जाएगा। इसमें सरस्वती मंदिर के अलावा यज्ञशाला होगी।
डायरेक्टर बनने पर युवाओं का सहीं मार्गदर्शन होगी प्राथमिकता
स्नातकोत्तर तक पढ़े कलाकार विकास शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने उन्हें सोनीपत में बनने वाले पंडित लख्मीचंद विश्वविद्यालय में डायरेक्टर नियुक्त करने की बात कही है। इस विश्वविद्यालय की नींव सितंबर में रखी जाएगी और इसके लिए अटेरना गांव में 50 एकड़ जगह गांव ने दी है। डायरेक्टर बनने के बाद उनकी प्राथमिकता होगी कि भटक रहे युवाओं को सहीं मार्ग दिखाया जाए। अब जो हरियाणवीं कलाकार आ रहे है, वे रचनाएं तो प्रस्तुत कर रहे है मगर रचनाओं के शब्दों का अर्थ तक उन्हें मालूम नहीं। दूसरे राज्यों से आकर कुछ युवा फूहड़ डांस की प्रस्तुति करते है और उसे हरियाणवीं संस्कृति बता यू ट्यूब पर अपलोड कर देते है। इस पर रोक लगाने के प्रयास किए जाएंगे।
ये हैं कलाकार विकास शर्मा की प्रमुख रचनाएं
* जिस दिन भारत देश मै एलान हो जागा, विश्व गुरु हिंदुस्तान हो जागा
* हरियाणा की पहचान, श्री गीता जी का ज्ञान
* म्हारी संस्कृति है म्हारा स्वाभिमान, आओ मिलकर स्वर्ग बनाये इस हरियाणे को
हो नंगे नाच पर प्रतिबंध, सुना करों घर-घर लख्मीचंद