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23 घंटे में 40 एमएम बारिश, घरों में घुसा पानी

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बारिश के दौरान देवसर चुंगी सरकुलर रोड पर सड़क पर जमा बारिश का पानी। - फोटो : Bhiwani
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पिछले दो दिन से चल रहा बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार को भिवानी, बवानीखेड़ा व जूई क्षेत्र के गांवों के किसानों के अरमानों पर ओले गिरे। हालांकि बमुश्किल दो मिनट ही ओले गिरे, जिससे फसलों में ज्यादा नुकसान नहीं है।
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बहल, तोशाम व सिवानी क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि के साथ आए अंधड़ ने फसलें बिछा दी। जिससे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं भिवानी में पिछले 23 घंटे के दौरान 40 एमएम बारिश हुई है। शुक्रवार दोपहर बाद एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने जनस्वास्थ्य विभाग के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। शहर के सभी मुख्य मार्गों के अलावा निचले क्षेत्रों के तो घरों में भी पानी भर गया। एक घंटे में करीब 15 एमएम बारिश हुई।
शुक्रवार दोपहर बाद तेज बारिश ने शहर की हालत खराब कर दी। दोपहर बाद 3:30 से 4:30 बजे तक करीब एक घंटे की बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। गलियों व सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया। बारिश के दौरान ही शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।
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बारिश से शहर के देवसर चुंगी सरकुलर रोड, पुराना बस स्टैंड, दादरी गेट, बावड़ी गेट, रोहतक चौक व जैन चौक क्षेत्र के कई निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। शहर के अधिकतम क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्थ ठप है। इस कारण हालात खराब बने। कन्हीराम अस्पताल क्षेत्र में तो पहले से ही ठप सीवर के कारण गलियों में पानी जमा था, जहां बारिश के बाद हालात और भी बदतर हो गए। सरकुलर रोड पर भी बारिश के दौरान पानी जमा हो गया। बिजली गुल होने से बारिश के पानी की निकासी को लेकर भी जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के बाजारों में जलभराव होने से दुकानदार भी परेशान रहे।
इन इलाकों की हुई बिजली गुल
बारिश के दौरान शहर के हांसी गेट क्षेत्र में बिजली ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ। जिससे आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसी तरह न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पटेल नगर, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट के अलावा पुराना बस स्टैंड, गुजरों की ढाणी, हनुमान ढाणी क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई इलाकों में तो पांच घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। बारिश के दौरान फाल्ट ठीक करने का काम भी शुरू नहीं हो सका।
इन गांवों में गिरे ओले
जुई क्षेत्र के गांव जुई खुर्द, जुई कलां, लहलाना, लालावास, टिटानी, भानगढ़, सिवानी क्षेत्र के गांव मतानी, घंघाला, बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव बलियाली, बवानीखेड़ा, भिवानी क्षेत्र के गांव पालुवास, निनान, कोंट, मंढाणा, तिगड़ाना, भिवानी शहर में ओलावृष्टि हुई। बारिश भिवानी, बहल, सिवानी, तोशाम के अधिकतर गांवों में हुई है।
मुआवजे के लिए किसानों ने तोशाम-जुई मार्ग किया जाम
तोशाम-जुई पार्ग पर गांव खरकड़ी सोहान व दुल्हेड़ी बीच में किसानों ने ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का नुकसान सही दिखाने, मुआवजा दिलवाने व फसलों के नुकसान का आंकलन कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक से कराने आदि मांगों को लेकर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे बाद तक किसानों मार्ग जाम रखा। बाद में एसडीएम किसानों के बीच पहुंचे और आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
किसान रमेश कुमार, सुरेश कुमार, राजेश, वजीर, संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक दलीप सिंह सांगवान, सत्यवान दूहन, राजकुमार आदि किसानों ने बताया कि चार-पांच गांव के किसानों ने करीब पांच सौ एकड़ में सब्जी टमाटर व मटर की फसल लगा रखी थी। फसल पकी थी, जो कि 10-15 दिन बाद फल देना शुरू कर देती लेकिन दो दिन पहले हुई ओलावृष्टि ने फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। किसानों का कहना है कि न तो अब फसल में बढ़ोतरी होगी और न ही फल लगेगा। किसानों ने बताया कि अब जो भी फसल के नुकसान से सरकार द्वारा जो भी मदद दी जाएगी वह जमीन के मालिक को मिलेगी। किसान को कुछ भी हाथ नहीं लगेगा। किसानों ने एसडीएम से इसके समाधान की मांग की है। किसानों का कहना है कि होर्टिक्लचर में बीमे का प्रावधान नहीं है। इस फसल का बीमा न तो बीमा कंपनी करती हैं और न ही बैंक। किसानों ने मांग की है कि उनकी फसल के नुकसान का उचित आंकलन कर उन्हें सरकार द्वारा मदद दिलवाई जाए। किसानों ने दोपहर दो बजे जाम लगाया। जिसके आधे घंटे बाद एसडीएम संदीप कुमार, तहसीलदार अशोक कुमार, थाना प्रभारी जयसिंह, कुलदीप सिंह कानूनगो ने मौके पर जाकर किसानों को आश्वासन दिया व दो दिन बाद आकर मिलने की बात कही। जिसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया।
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