भिवानी। जिले में भारी बारिश के चलते जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लोगों की जानमाल की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 38 विशेष मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगी। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और 24 घंटे सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग भी पशुओं के उपचार और टीकाकरण कार्य में जुटा है।
डिप्टी कमिश्नर साहिल गुप्ता के निर्देश पर प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि जिला मुख्यालय पर गठित 38 टीमों में एक मेडिकल ऑफिसर, एक महिला व एक पुरुष फार्मासिस्ट शामिल हैं।
स्कूलों में तैनाती के लिए तीन मोबाइल यूनिट्स भी लगाई गई हैं। इन टीमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जिंक टैबलेट, एंटीबायोटिक्स, उल्टी-दस्त की दवाएं सहित आवश्यक प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की किट पहले ही वितरित की जा चुकी हैं। वर्तमान में जिले में 3 एसडीएच, 6 सीएचसी और 25 पीएचसी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित गांव : सैय, रिवाड़ी, खरक, कलिंगा, गुजरानी, मिताथल, घुसकानी, चांग, धनाना, बडेसरा, तालू, जताई, मुंढाल, बड़सी, पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, भैणी, खेड़ी दौलतपुर, बवानीखेड़ा, मंढाणा, जाटू लोहारी, प्रेम नगर, बापोड़ा, तिगड़ाना, दांग खुर्द व कलां, सागवान, बीरण, ढाणी बीरण, सुई, बलियाली, रामूपुरा।
जलभराव प्रभावित गांवों में पशुओं को मुंहखुर व गलघोंटू टीकाकरण पूर्ण
तोशाम के एसडीएम रवि मीणा ने बताया कि बाढ़ और जलभराव से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। उपमंडल स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 01253-258352 है। जलभराव से प्रभावित गांव सागवान, दांग कलां और दांग खुर्द में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। टीमों ने इन गांवों में पशुओं में फैलने वाली बीमारी मुंहखुर और गलघोंटू के लिए टीकाकरण किया है।पशुपालन विभाग की टीमों ने मुंहखुर और गलघोंटू जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया है। अब तक गांव सागवान में लगभग 1300 भैंसें, 500 गायें और 200 कटड़े-बछड़े टीकाकरण से आच्छादित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पशुओं को परजीवी संक्रमण से बचाने के लिए दवाइयां भी दी जा रही हैं। विभाग की टीमें ग्रामीणों को यह भी जागरूक कर रही हैं एसडीएम रवि मीणा ने बताया कि प्रशासन की टीमें जलभराव प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। संवाद