भिवानी। 720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रोडवेज और आम जनता को भारी पड़ रही है। बुधवार को रोडवेज की 117 में से करीब 45 बसें ही चली। वहीं जीएम का दावा है कि 60 फीसदी तक बसें चली है जबकि हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि 31 बसें चलाई गई। लगातार दूसरे दिन क्लर्क, सब इंस्पेक्टर व अन्य कर्मचारियों ने कंडक्टर की जिम्मेदारी निभाई। हड़ताल कर रहे करीब 50 कर्मचारियों को रोडवेज प्रबंधन ने नोटिस थमाए और ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर सस्पेंड करने की चेतावनी दी है।
बुधवार को लगातार दूसरे दिन हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सुबह साढ़े चार बजे पहली रोडवेज बस चलने के समय खासी संख्या में हड़ताली कर्मचारी एकत्रित हुए और नारेबाजी कर रोष जताया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बसें निकाली गई। बस स्टैंड परिसर में भी भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की माने तो दिनभर में करीब 45 बसें चली। हालांकि यात्रियों की संख्या भी अन्य दिनों की अपेक्षा कम ही रही। उधर हड़ताल कर रहे कर्मचारी वर्कशॉप के पास धरना देकर नारेबाजी करते है।
देर रात गिरफ्तारी की तैयारी
एस्मा के उल्लंघन के विरोध में 10 रोडवेज कर्मचारियों पर केस दर्ज किए गए है। सुबह करीब नौ बजे पुलिस फोर्स धरना स्थल पर कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो तनावपूर्ण माहौल बना। पुलिस फोर्स के समक्ष कर्मचारी नेता राज कुमार दलाल ने कहा कि वे वर्कशॉप से दो सौ से ज्यादा मीटर की दूरी पर धरना दे रहे है और वह भी शांतिपूर्वक। स्थिति को भांपते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की। मगर देर रात कर्मचारियों की गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है।
करीब 60 फीसदी बसें चली है। भिवानी में नियमित रूप से बसें चल रही है और हड़ताल के कारण यात्रियों की संख्या थोड़ी कम है। कुछ कंडक्टर वापस ड्यूटी पर लौट आए है। करीब 50 कर्मचारियों को नोटिस थमाए गए है।
सतीश कुमार, एसडीएम और जीएम रोडवेज
प्रशासन जबरन बसें चलाने का प्रयास कर रहा है मगर आज भी बमुश्किल 31 बसें निकाली। दो कंडक्टर बस नहीं चलाने के कारण संस्पेड किए गए है। नोटिस भी दिए गए है। सरकार की हठधर्मिता के कारण हमने दो दिन की हड़ताल और करने का निर्णय लिया है। 18 और 19 को भी कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी।
राज कुमार दलाल, डिपो प्रधान
रोडवेज कर्मचारी एसोसिएशन
लोहारू में 47 में से चली तीन बसें, यात्री रहे परेशान
सब डिपो से कुल 47 में से केवल तीन बसें ही चली। जिस कारण यात्री खासे परेशान दिखे। कर्मचारियों की हड़ताल को विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया। एसकेएस प्रधान सुमेर पटौदी, सुरेंद्र ढाणी टोडा, उप प्रधान सुरेश फरटिया, इंटक से रमेश लांबा ने बताया कि बिजली निगम, अध्यापक संघ, नगरपालिका, जन स्वास्थ्य विभाग, किसान संगठन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी आदि विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया।
बिना पंचिंग दी जा रही टिकटें
कंडक्टर नहीं मिलने पर रोडवेज प्रबंधन ने क्लर्कों, सब इंस्पेक्टरों को कंडक्टर की ड्यूटी सौंपी है। कथित तौर पर जीएम के निर्देशानुसार अपरिपक्व बस कंडक्टर बसों में टिकट काटने की बजाय बिना पंच की टिकट देते देखे गए। इसके लिए खुद अमर उजाला के प्रतिनिधि ने बस में टिकट लेकर सफर किया तो बस कंडक्टर ने उन्हें भी बिना पंच की टिकट थमा दी। अपना नाम मनोज कुमार बताने वाले कर्मी ने बताया कि वह क्लर्क है और उसे टिकट पंच नहीं करनी आती। यात्रियों ने बताया कि उन्हें दादरी से अपने गंतव्य की टिकट जरूर मिली है परंतु बिना पंच की मिली है। इस बारे में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार हड़ताल को फेल दिखाना चाहती है और अपरिपक्व ड्राइवर भेज कर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। डीआई जयबीर ने बताया कि कुछ रूटों पर क्लर्क को भेजा गया था उनको टिकट को पंच करने का ज्ञान नहीं था। उन्होंने केवल जितने पैसे बनते थे उतने पैसे की टिकट बिना पंच के दी है। यह अस्थाई तौर पर इसलिए किया गया है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो सके।