गांव रोहनात के ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
गांव रोहनात के ग्रामीणों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच ने गांव में सीएम के हाथों सम्मानित करवाए गए व्यक्तियों में शहीद परिवारों का एक व्यक्ति शामिल नहीं किया, जबकि इन व्यक्तियों को शहीद परिवार के सदस्य बताकर फर्जी रुपये से सम्मानित करवा दिया गया। वहीं गांव की समस्याओं समेत अनुसूचित जाति के परिवार की समस्या तक को नहीं रखा।
गांव रोहनात निवासी बलजीत, उमेद सिंह, ओमप्रकाश, सुंदर, प्रकाशी, कृष्णा, संतलाल, माया, सुमन, इंदराज, मीना, भेदसिंह, वेदप्रकाश सहित अनेक महिला व पुरुष सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। वहां पर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि 1858 में अंग्रेजों द्वारा जो जमीन नीलाम की गई थी, उसे वापस दिलवाया जाए, अगर यह संभव नहीं है तो हिसार फिड फॉर्म में जो 57 प्लॉट हैं, वे प्लॉट दिलवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरपंच ने मुख्यमंत्री को जो ज्ञापन सौंपा है, वह बंद कमरे में लिखा गया था, जो की उन्हें मंजूर नहीं है। इसमें ग्रामीणों की मांगों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना- प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
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सम्मानित होने वाले व्यक्ति शहीद परिवार के नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिन लोगों को सम्मानित किया, उनमें न तो शहीद बीरड़दास बैरागी के परिवार का कोई सदस्य शामिल था और न ही रूपा खाती के परिवार का कोई सदस्य। 1965 की लड़ाई में जो सैनिक शहीद हुए उनके परिवार के किसी सदस्य को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित नहीं करवाया गया।