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टूटी जालियों से फिर सड़कों पर पहुंच रहे लावारिस पशु

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टूटी जालियों से फिर सड़कों पर पहुंच रहे लावारिस पशु
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भिवानी। शहर से लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में छोड़ने का अभियान नप कर्मचारियों के लिए आफत बन गया है। शहर में बनाई गई नंदीशाला ओवरलोड हो गई है। अब मत्स्य पालन विभाग की खाली जगह में लावारिस पशुओं को छोड़ा जा रहा है लेकिन टूटी जाली से लावारिस पशु वापस सड़कों पर आ रहे हैं।
15 अगस्त तक शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त करने के अभियान में जुटे प्रशासन के सामने लचर व्यवस्थाएं हावी हो रही है। शहर में साढ़े तीन हजार से ज्यादा लावारिस पशु होने के बाद भी ऐसी नंदीशाला बनाई गई जिसमें बमुश्किल डेढ़ सौ लावारिस पशुओं को रखा जा सके। अब इस नंदीशाला में क्षमता से कहीं ज्यादा करीब साढ़े तीन सौ लावारिस पशु रखे गए हैं। संख्या अधिक होने से लावारिस पशुओं को बैठने का भी स्थान नहीं बचा है। इसके अलावा लड़ाई के दौरान अनेक लावारिस पशु चोटिल हो चुके है। यहां के कर्मचारियों को भी इन्हें काबू करने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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नंदीशाला में क्षमता से कहीं ज्यादा लावारिस पशु रखने के बाद अब मत्स्य पालन विभाग की खाली जमीन में लावारिस पशुओं को छोड़ा जा रहा है। कहने को तो इसके चारों ओर जालियां लगी है मगर अनेक जगह जालियां टूटी हुई है तो अनेक जगह गायब है। ऐसे में कर्मचारी मेहनत कर लावारिस पशुओं को पकड़कर लाते हैं और कुछ समय बाद ही टूटी जालियों से लावारिस पशु फिर से सड़क पर पहुंच रहे है।
वर्जन::::
जगह के चारों ओर जालियां है। यदि कहीं से जाली टूटी हुई है तो उसे ठीक करवा दिया जाएगा।
राजेश महता, सचिव
नगर परिषद
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