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Bhiwani News: शहर के सीवर सिस्टम को बीमार कर रही एक दशक से 300 पशु डेयरी, अब नगर परिषद करेगा बाहर

Tue, 25 Jul 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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खाड़ी मोहल्ला में पशु डायरियाें के वजह से ठप पड़ा सीवर मैनहोल।
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भिवानी। पिछले एक दशक से शहरी दायरे में रिहायशी कॉलोनियों के अंदर चल रही करीब 300 पशु डेयरी सीवरेज सिस्टम को बीमार कर रही हैं। इसको लेकर अब नगर परिषद सख्त कदम उठाने जा रहा है। रिहायशी इलाकों में चल रही पशु डेयरियों को नगर परिषद अब बाहर करेगा।
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इससे पहले जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी सीवर लाइनों को ठप करने पर शहरी दायरे में करीब 90 पशु डेयरी संचालकों को नोटिस थमाए हैं। पशु डायरियों का गोबर सीधा मुख्य सीवर लाइन में पहुंच रहा है, जिसकी वजह से सीवर को खोलते समय कर्मचारियों को जहरीली गैस का भी डर बना रहता है, क्योंकि गोबर सड़ने से गटर के अंदर जहरीली गैस बन रही है। जो वहां काम करने वाले कर्मचारियों की पलभर में जान भी ले सकती है।
भिवानी शहर में करीब एक दशक से 300 से अधिक पशु डेयरी चल रही हैं। इन पशु डेयरी को शहरी आबादी व रिहायशी कॉलोनियों के बीच घरों के अंदर से निकाले जाने की कवायद पहले भी नगर परिषद शुरू कर चुकी है। न्यायालय ने भी इस संबंध में सख्त आदेश दिए हुए हैं। मगर इसके बावजूद हर बार नगर परिषद में पशु डेयरी को लेकर राजनीति हावी हो जाती है। कमोबेश अभियान शुरू होने से पहले ही ठंडा पड़ जाता है।
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मानसून के दौरान भिवानी में बहुत कम बारिश होने के बावजूद भी शहर के अधिकांश हिस्सों में सीवर ठप पड़े हैं। इनकी मुख्य वजह पॉलिथीन कचरा के साथ पशु डेयरियों से निकलने वाला गोबर है जो सीधे सीवर मैनहोल में पहुंचकर लाइन को जाम कर रहा है। गोबर पानी के बहाव से भी आगे नहीं जाता है, इसलिए ठप सीवर लाइनों को चालू करने के लिए भी जनस्वास्थ्य विभाग को सुपर सकर मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ता है।

शहर के इन हिस्सों में पशु डेयरियों से डैमेज हो गईं सीवर लाइनें
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने सर्वे कराकर खुद यह माना है कि पशु डेयरियों की वजह से शहर के अंदर कई जगह पर सीवर लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इनमें मुख्य तौर पर दिनोद रोड जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र शामिल है। इसी तरह राजीव कॉलोनी नेताजी नगर, पीपली वाली जोहड़ी क्षेत्र, शहर का खाड़ी मोहल्ला, पतराम गेट, खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र मानान पाना, सेक्टर 13 और 23 के आसपास का इलाका मुख्य तौर पर शामिल है। इसके अलावा भी शहर के अंदर कई कॉलोनियों में रिहायशी मकानों के अंदर ही पशु डेयरी बनी हैं, जो शहर के सीवर को जाम कर रही हैं।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने दिए थे चैंबर निर्माण के निर्देश, नहीं हुआ अमल
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पशु डेयरी संचालकों को सीधे मुख्य सीवर लाइन में गोबर व पशुओं का मल डालने की सख्त मनाही कर दी थी और गंदे पानी की निकासी के लिए भी अलग से चैंबर निर्माण के निर्देश दिए थे। मगर इन आदेशों पर कोई अमल नहीं हुआ। किसी भी पशु डेयरी में चैंबर नहीं बना। इस चैंबर से पशुओं का मल निकालकर उसे शहर से बाहर डाला जाना था, मगर पशु डेयरी के अंदर पेयजल कनेक्शन के जरिये स्वच्छ पानी को पशुओं का मल सीधे सीवर मैनहोल में डालने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पेयजल और सीवर दोनों ही कनेक्शनों के नियमों की भी धज्जियां उड़ रही हैं।
शहर के अंदर रिहायशी इलाकों में बनी पशु डेयरियों की वजह से शहर का सीवर सिस्टम ठप हो रहा है। विभाग ने करीब 90 पशु डेयरी संचालकों को सीधे सीवर लाइन में गोबर डालने पर नोटिस दिए हैं। जल्द ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नगर परिषद के साथ मिलकर पशु डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसमें इन पर मोटा जुर्माना भी लगाया जाएगा और शहरी सीवरेज सिस्टम डेमेज करने पर एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
शहरी वार्डों में रिहायशी इलाकों के अंदर चलाई जा रही पशु डेयरियों को जल्द शहर से बाहर किया जाएगा। इन पशु डेयरियों से पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ शहर का सीवर सिस्टम भी जाम हो रहा है। नगर परिषद जल्द ही इस संबंध में कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर इनकी जांच कराएगा और सीलिंग व जुर्माना संबंधी कार्रवाई भी की जाएगी।
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- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
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