भिवानी। अब राजस्व विभाग में 2610 नए पटवारियों को दो माह तक गांवों में ततिमा अपडेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए प्रदेशभर में 440 गांवों का पायलट तौर पर चयन भी किया गया है। इन गांवों की जमीन का भू नक्शा पोर्टल पर रिकाॅर्ड अपलोड कर अपडेट किया जाएगा।
जिला राजस्व अधिकारी इस कार्य का सत्यापन भी जारी करेंगे। तहसीलदार और नायब तहसीलदार नए पटवारियों के कार्यों में हरसंभव सहयोग करेंगे। विभाग के नियमित पटवारी और कानूनगो भी इस कार्य का हिस्सा बनेंगे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सिफारिशों पर हाल ही में राजस्व विभाग में 2610 नए पटवारियों को प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग स्कूल में भेजा गया था। इन पटवारियों को राज्य के 16 जिलाें के प्रशिक्षण स्कूलों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान ही दो माह तक इन्हें ये नई और अहम जिम्मेदारी दी गई है।
हरियाणा में हरियाणा वृहद मानचित्रण परियोजना (एचएएलएसएमपी) के तहत ततिमा अद्यतनीकरण कार्य किया जा रहा है। हाल ही में हरसेक के सहयोग से जिलों के 22 पायलट गांवों का ततिमा अपडेशन कार्य पूरा किया गया है, तदनुसार, इन 22 पायलट गांवों को एनआईसी हरियाणा द्वारा भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसके अलावा हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार जिलों ने एचएएलएसएमपी के तहत ततिमा अद्यतनीकरण कार्य के लिए शुरुआती चरण में 440 गांवों को चिह्नित किया गया है।
भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा इन 440 गांवों में ततिमा अद्यतनीकरण कार्य सोमवार से शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में एफसीआर एवं एसीएस रेवन्यू हरियाणा ने राज्य के सभी गांवों में प्रशिक्षु पटवारियों को दो महीने की अवधि के लिए ततिमा अपडेशन कार्य का फील्ड प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षु पटवारियों को अपने संबंधित गृह जिलों के उपायुक्त या जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट करने और प्रशिक्षु पटवारियों के ततिमा अपडेशन कार्य का क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संवाद
ये है ततिमा अद्यतनीकरण कार्य
राजस्व विभाग में ततिमा का कार्य उसे कहा जाता है जिसमें एक खेत के कई टुकड़े बन जाते हैं, यानी कई मालिक आ जाते हैं। उस खेत की भूमि के इंतकाल पर पटवारी और कानूनगो द्वारा उन खेतों का नक्शा बनाया जाता है। अब टुकड़ों के खेत का नक्शा बनाकर उसे भू नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर उसे अपडेट किया जाएगा, जिसके बाद उस खेत में अलग-अलग हिस्से को ऑनलाइन स्पष्ट देखा जा सकेगा।
गांवों में भूमि संबंधी रिकार्ड राजस्व विभाग के पास पहले से मौजूद है। हालांकि ततिमा जो कि शिजरे और तकसीम इंतकाल आदि में दर्ज थे वो अपडेट कर इस रिकार्ड को भू पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन किया जाएगा। ऑनलाइन किए जाने से पहले ही खेतों में टुकड़ों की भूमि को इंतकाल के हिसाब से अपडेट कर इसे जिला राजस्व अधिकारी से सत्यापन के बाद सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इसके बाद कंप्यूटर पर किसी भी समय कहीं पर भी इसे एक क्लिक में देखा जा सकेगा और इससे जमीन की पैमाइश और रजिस्ट्री के कार्य में पारदर्शिता और समय की बचत होगी और रेवन्यू के कोर्ट केस के मामले कम होंगे।
-विकास राठी, राज्य उप प्रधान, पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन, हरियाणा।