पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य चुनाव को लेकर वीरवार को नगर परिषद हाउस में 31 में से 26 पार्षद पहुंचे, लेकिन नगर परिषद अधिकारी नदारद रहने की वजह से बैठक को स्थगित करना पड़ा। पेमेंट अपू्रवल कमेटी सदस्य चुनाव की इस बैठक को रद्द करने के पीछे कांग्रेस समर्थित पार्षद का पलड़ा भारी होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। जबकि सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता के इशारे पर भी इस बैठक को स्थगित कराने की चर्चाएं चलीं।
नगर परिषद में पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य का चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले चार माह से भिवानी नगर परिषद में करीब ढाई करोड़ से अधिक के भुगतान अटक गए हैं। इनमें स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव, सफाई और अन्य विकास कार्यों के बिल शामिल हैं। पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य चुनाव के बाद नगर परिषद चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य के अलावा जिस वार्ड में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उसके पार्षद के हस्ताक्षर के बाद ही कार्यों के पैसे का भुगतान संभव होगा।
भिवानी नगर परिषद में 31 वार्ड हैं और क्षेत्रफल के दायरे के हिसाब से शहर की करीब साढ़े 12 लाख की आबादी है। इनके लिए मूलभूत सुविधाएं जुटाने के साथ पिछले दस सालों में शहरी दायरे के बढ़ने से विकसित हुई नई अनधिकृत कॉलोनियों तक विकास कार्य कराना अहम हो गया है। इसी को लेकर नगर परिषद ने करीब 54 अनधिकृत कॉलोनियों का मसौदा भी मुख्यालय को भेजा हुआ है। लेकिन इन कॉलोनियों के संबंध में नगर परिषद हाउस की बैठक में फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं हुआ है। जिस पर भी पार्षदों द्वारा एक साथ बैठकर विचार मंथन किया जाना था।
पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य के लिए कांग्रेस समर्थित एक ही पार्षद के नाम की चर्चाएं जोरों पर रही है। बताया यह भी जा रहा है कि 31 में से 18 पार्षद तो एक-मत से उसे पसंद करते हैं। इससे भी सत्ता पक्ष खेमे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भिवानी नगर परिषद में चेयरपर्सन निर्दलीय चुना गया है, मगर विधायक समर्थित होने की वजह से उन्हें सत्ता पक्ष से समझा जा रहा है। वहीं वाइस चेयरमैन कांग्रेस खेमे का है। इसी के साथ पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य भी कांग्रेस समर्थित चुनने के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में कमेटी में हर साल करोड़ों के होने वाले विकास कार्यों में किसी भी तरह की मनमानी कर पाना सत्ता पक्ष के लिए संभव नहीं होगा। वहीं पेमेंट अप्रूवल कमेटी में कांग्रेस समर्थित दो सदस्य शामिल होने से भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मतदान होता तो चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन भी डालते वोट
पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य पर सर्वसम्मति नहीं बनती है और चुनाव होता है तो इस सूरत में नगर परिषद की चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन भी मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकता है। उन्हें भी इसमें अपने वार्ड से बतौर पार्षद वोट डालने का अधिकार है। जबकि 29 पार्षद इस कमेटी में सदस्य के तौर पर सीधे अपनी दावेदारी भी ठोक सकते हैं।
अगले सप्ताह सोमवार व मंगलवार को फिर तय होगा बैठक का एजेंडा
नगर परिषद हाउस की वीरवार को स्थगित हुई बैठक के बाद मामला अगले सप्ताह सोमवार और मंगलवार तक लटक गया है। अगले सप्ताह फिर से बैठक का एजेंडा जारी होगा। इसमें शहर के विकास के मसौदे रखने के साथ-साथ पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य को चुना जाएगा। सदस्य जल्द से जल्द चुनने का दबाव इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि करोड़ों के विकास कार्यों का भुगतान अटका है। इस कारण ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों का काम भी धीमी चाल है या फिर रुका हुआ है।
नगर परिषद हाउस की बैठक को कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं होने की वजह से स्थगित करना पड़ा है। अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार तक फिर बैठक का एजेंडा रखा जाएगा। इस बीच एजेंडे में जो प्रस्ताव रखे जाने हैं, उनकी कमियों को दूर कर लिया जाएगा।
-भवानी प्रताप, सिंह चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद, भिवानी।