भिवानी। एसपी साहब.., मैं यहां दादरी रोड पर हालुवास गांव के समीप होटल चलाता हूं। 14 सितंबर की रात को दो पुलिसकर्मी, जिसमें एक वर्दी में था, अपने निजी वाहन से मेरे होटल पर आए और मुझसे कुछ व्यक्तियों के खाने व बीयर की डिमांड की। जिस पर मैंने कहा कि मैं अपने होटल में बीयर और शराब नहीं रखता, केवल खाना ही रखता हूं। इस पर पुलिसवाले तैश में आ गए और कहा कि हमें नहीं पता कहीं से भी पांच-छह बीयर की बोतल व खाना पैक करके हमें दे दो। हमें थाने में लेकर जाना है। इसी दौरान कुछ समय अमरजीत हवलदार जोकि वर्दी में था, वहां पर आ गया तथा मारपीट शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ मारपीट की तथा थाने में फोन करके सरकारी गाड़ी बुला ली और उसमें आये पुलिस वालों ने मेरे साथ काफी मारपीट भी की और मुझे अपनी सरकारी गाड़ी में जबरदस्ती डालकर मारते पीटते हुए थाना सदर ले आए। पुलिसवालों ने मेरे ऊपर झूठा मुकदमा बना दिया। यह आरोप है एसपी को शिकायत देने पहुंचे गांव हालुवास में होटल चलाने वाले सतबीर ने लगाए।
सतबीर सोमवार को ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत पत्र देने आया था। ग्रामीणों का नेतृत्व पूर्व जिला पार्षद रामकिशन हालुवास ने किया। एसपी को सौंपे गए शिकायत पत्र में सतबीर ने आरोप लगाया कि वह हृदय रोग का मरीज है तथा कुछ दिन पहले ही उसने स्टंट डलवाया था। पुलिस कस्टडी के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे दवाईयां भी नहीं लेने दी। अगले दिन न्यायालय में मुझे पेश किया गया, जहां से मुझे जमानत मिल गई। उसके बाद मैं सीधा चौधरी बंसीलाल सरकारी अस्पताल गया तो चिकित्सकों ने मेरी एमएलआर काटी जहां चिकित्सकों ने मेरे दोनों पैरों की हड्डी टूटी हुई बताई। अब पुलिस मुझ पर नायायज दबाव बना रही है।
पुलिस अधीक्षक को सौंपे पत्र में सतबीर ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान फोन से रिकार्डिंग भी की है। जोकि पुलिस ने फोन छीन लिया और रिकार्डिंग को डिलीट कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक से मिलने वालों में पूर्व जिला पार्षद रामकिशन हालुवास, संतकुमार, मुकेश, जगन सिंह, विष्णु सिंह, रविंद्र सिंह, रणधीर सिंह, जयसिंह, रविंद्र, राजेश, सुनील, जयभगवान, घोलू, मोहित, निहाल, आशु, जोनी, शंकर, अमनदीप, विजय, उत्तम, सुरेंद्र लाल, कालू, नवीन पंच शामिल थे।