अमर उजाला ब्यूरो
बवानीखेड़ा। सत्ता परिवर्तन रैली में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर जमकर भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर बरसे। उन्होने जहां भाजपा को भ्रष्टाचारी और भाईचारा बिगाड़ने वाली सरकार बताया वहीं इनेलो पर भी पीएम मोदी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस सरकार बनने पर बुढापा पेंशन तीन हजार रुपये करने और किसानों व मजदूरों के कर्ज माफ करने का दावा किया। साथ ही आरोप लगाया कि सुशासन के नाम पर आरएसएस के लोग भ्रष्टाचार फैला रहे हैं। सुशासन सहयोग लाखों-करोड़ों लेकर फाइल पास करते हैं।
परिवर्तन रैली में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने साफ कहा कि कांग्रेस में कोई ये न समझे की उसकी सीट पक्की है। जो मेहनत करेगा व जनता जिसे चाहेगी उसी को सीट मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही विधानसभा व लोकसभा चुनाव होंगे जिसमें सभी लोकसभा व 80 विधानसभा की सीटों पर कांग्रेस विजय पताका लहराएगी। रैली में पूर्व मंत्री रणजीत चौटाला, विजेन्द्र कादियान, रामस्वरूप बाजीगर, दलबीर भारती, राधेश्याम शर्मा आदि ने भी भाषणों में कांग्रेस राज के कशीदे पढ़े।
सरकार आने के बाद तीन हजार होगी पेंशन
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तवंर ने कहा कि भाजपा सरकार ने पेंशन मामले में 1200, 1400 ऐसे करके बढ़ाने का काम किया, लेकिन कांग्रेस सरकार में पेंशन तीन हजार रुपये मासिक होगी, सभी कच्चे, एडहॉक, टंप्रेरी कर्मचारी पक्के होंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा, किसानों की आय पहली कलम से ही दोगुनी होगी, किसानों व गरीबों के लोगों के कर्जे माफ होंगे, लोगों को रोजगार देने का काम किया जाएगा। तंवर ने दावा किया कि कांग्रेस हरियाणा में 80 से ज्यादा सीटें जीतेगी और विधायकों व हाईकमान के कहने पर सीएम बनाया जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा द्वारा टिकटें नहीं बिकने देने की बात पर उन्होंने जवाब कलानौर रैली में देने की बात कही। राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी के गले मिलने तथा भाजपा द्वारा जबरन गले पड़ने के सवाल पर तंवर ने कहा कि ऐसे तो मोदी के गले तो बहुत से राष्ट्र अध्यक्ष पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश व प्रदेश को आरएसएस के लोग बड़े ही संगठित तरीके से लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो बीजेपी के साथ मिली हुई है। ये भाजपा की बी टीम है। वहीं उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर स्वामीनाथन रिपोर्ट तुरंत लागू करने एसवाईएल पर भी चर्चा की।
रामकिशन फौजी व समर्थक रहे गायब
कांग्रेस से तीन बार विधायक रहकर सीपीएस रहे रामकिशन फौजी व उनके समर्थक कहीं दिखाई नहीं दिए। बताया जाता है कि इस रैली में आयोजकों के आपसी विचारों में मतभेद कही न कहीं दिखाई दे रहे थे। हालांकि रैली आयोजन में कांग्रेस के जितेंद्र फौजी अपने सहयोगियों सहित विशेष उपस्थिति बनाए दिखाई दिए।