अमर उजाला ब्यूरो
कैरू ।
सरकार गांवों की तरफ ध्यान देने के लिए करोड़ों का बजट जारी कर रही है। इसके बाद भी गांव की सड़कों की हालत इतनी बदतर है कि गांववासियों को सड़क पार करने पर कई बार सोचना पड़ता है। यही हाल गांव देवराला का है, जहां पर भिवानी जिले का नवोदय स्कूल है। गांव की फिरनी दो किलोमीटर तक टूटने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सड़क पर पानी के कारण बड़े-बड़े गड्ढे होने से कई बार बच्चों को चोटें लग चुकी हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी अधिकारी सड़क की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीण पूर्व सरपंच प्रतिनिधि संजय, पूर्णमल वाल्मीकि, राजल पोटलिया पंच, करणसिंह, दयानंद मेट, महेंद्र फौजी, दलबीर रंगा, धर्मबीर रंगा और अंकित पोटलिया आदि ने बताया कि सड़क की खराब दशा को देखते हुए आज 13 साल हो गए। बरसात के दिनों में तो यहां से निकलना दूभर हो जाता है। बारिश का पानी जमा होने से बीमारियां फैलने का डर लोगों को सताता रहता है। करीबन 33 फुट की चौड़ी टूटी सड़क पर जमा पानी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है । सड़क के बीचोंबीच गड्ढे होने से वाहनों का निकलना हादसों को न्योता है।
स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ती है परेशानी
इस समस्या के चलते कई गांव के लोगों को परेशान होना पड़ता है। दलित बस्ती से जाने वाले स्कूली बच्चों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। जो कि कई बार गिरने से चोटिल भी हो चुके है। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते है।
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सरपंच है सस्पेंड
गांव का सरपंच सस्पेंड है अभी गांव के विकास कार्य रुके हुए है। जिसका केस हाईकोर्ट में चल रहा है। अभी कोर्ट से कोई सूचना नहीं आई है। सूचना आते ही गांव की फिरनी रास्ता व अन्य कार्य सुचारु रूप से शुरू किए जाएगें।
सुभाषचंद्र शर्मा, बीडीपीओ कैरू, भिवानी