अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। ई-ट्रेडिंग के विरोध में हड़ताल कर आढ़तियों ने विरोध जताया और सरसों खरीद का बहिष्कार किया। आढ़तियों ने नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती हड़ताल जारी रहेगी। वहीं हड़ताल का व्यापक असर दिखा। चारा मंडी और अनाज मंडी में सरसों की खरीद नहीं हुई। गांवों से आए किसानों ने गेट पास भी बनवाया। फसल भी चारा मंडी में सरसों उतारी मगर दोपहर में जब हैंडलिंग एजेंट चले गए तो उन्हें निराशा हुई। सभी प्रशासन को कोसते नजर आए। तीन हजार क्विंटल सरसों लिए 135 से अधिक किसान खरीद का इंतजार करते रहे।
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश स्तरीय निर्णय के अनुसार ई-ट्रेडिंग के विरोध में अनिश्चिताकलीन हड़ताल शुरू की। आढ़तियों ने कहा कि ई-ट्रेडिंग से उनका कारोबार खत्म हो जाएगा और वे बेरोजगार हो जाएंगे। मंडी में 160 लाइसेंसधारी आढ़ती हैं।
ग्रेन मर्चेट एसोसिएशन के सचिव राजेश का कहना था कि किसान और आढ़ती पिछले 40 सालों से मंडी में काम कर रहे हैं, पहले आढ़ती के माध्यम से ही किसानों को उनकी फसलों का भुगतान होता था, मगर अब सरकार ने सीधे किसानों के खाते में फसल का भुगतान डालने का मन बनाया है। जिससे किसान और आढ़ती के बीच की खाई बढ़ जाएगी, क्योंकि उनका आपसी लेनदेन चलता ही रहता है। सरकार बेवजह लगाई गई शर्तों को जब तक नहीं हटाती उनका विरोध जारी रहेगा।
ये है आढ़तियों की मांगें
- गेहूं या किसी भी फसल में ई-खरीद नहीं होनी चाहिए।
- बीसीपीए मंडियों में पहले तरह की काम करें
- 25 मार्च के मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुसार नैफेड द्वारा खरीद सरसों, सूरजमुखी आदि पर आढ़ती को सरकार ने रुपये 40 प्रति क्विंटल देने हैं। सरसों खरीद भी सुचारु नहीं है।
- सीसीआई द्वारा खरीदी कॉटन पर भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि आढ़तियों को आढ़त मिलेगी।
करीब 3000 क्विंटल सरसों लिए 135 किसान शाम तक करते खरीद का इंतजार
चारा मंडी में चल रही सरसों की सरकारी खरीद के तहत किसान चारामंडी में सरसों लेकर सुबह पहुंचे। गेट पास कटवाया। इसके बाद कुछ किसानों ने तो चारा मंडी में तय स्थान पर अपनी फसल भी उतरवा ली। तुलाई प्रक्रिया भी हुई। खरीद प्रक्रिया भी शुरू हुई मगर दोपहर के समय अचानक हैंडलिंग एजेंट काम छोड़कर चले गए। हैंडलिंग एजेंट ने बताया कि प्रदेशभर में हड़ताल है। यहां किसान निराश हुए। दोपहर बाद तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। बुधवार को विभिन्न गांवों के करीब 135 किसान चारा मंडी में अपनी सरसों लेकर पहुंचे। करीब तीन हजार क्विंटल से ज्यादा सरसों बिक्री के लिए पहुंची। लेकिन खरीद नहीं की गई।
प्रदेश भर की मंडियों में बुधवार को आढ़तियों ने खरीद का बहिष्कार कर अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान किया है। सुबह व्यापारियों की बैठक हुई थी, जिसमें प्रस्ताव पास कर सरकार द्वारा जारी की गई शर्तों का विरोध दर्ज किया गया। जब तक उनकी जायज मांगे नहीं मानी जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
बजरंगलाल, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।