अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। वर्षों से सेक्टर वासियों के लिए परेशानी बने बंदरों की समस्या का नगर परिषद ने समाधान नहीं किया तो अब सेक्टर वासियों ने अपने स्तर पर ही बंदरों को सेक्टर भगाने का प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत एक लंगूर बंदर को 15 हजार रुपये मासिक खर्च पर रखा गया है। जिसका मालिक सेक्टर की तीन गलियों से बंदरों को भगाएगा। ट्रायल कामयाब रहा तो दो से तीन अन्य लंगूर बंदरों को किराये पर रखा जाएगा। किराये पर रखे गए लंगूर का मासिक खर्च सेक्टर वासी अपने स्तर पर वहन करेंगे। करीब 150 घरों से 100-100 रुपये एकत्रित की गई।
बंदर शहर वासियों के लिए परेशानी बने हैं। सामान्य अस्पताल में बंदर लोगों का सामान, मरीजों का खाना उठा ले जाते है तो सेक्टर में पिछले दिनों 10 से 15 को तीन से चार दिन के दौरान ही काट खाया।
रविवार सुबह सेक्टर-13 के मौजिज लोग मुख्य पार्क में घूमने गए थे। जहां बहुत सारे बंदर थे। सेक्टर वासियों की माने तो 20 से 25 बंदर थे जो पार्क में लोगों को डरा रहे थे। एक महिला ने उन्हें भगाने का प्रयास किया तो बंदर ने उसे काट लिया। जिसके बाद कृष्ण नंबरदार, विनोद गाबा, ओमबीर सिंह, नरेंद्र शर्मा, मोहनलाल मल्होत्रा, संजय गोयल, मनोज शर्मा, कवि खुराना, डॉ. तुलसीराम, दीपक शर्मा और धीरज कक्कड़ ने इस मसले पर बैठक की और निर्णय लिया कि अपने स्तर पर राशि एकत्रित कर दो लंगूर बंदरों की व्यवस्था करेंगे जिससे बंदरों से निजात मिल सके। इस प्लानिंग पर काम करते हुए एक लंगूर बंदर रखने वाले व्यक्ति को मासिक किराये पर रखा गया। इसे 15 हजार रुपये मासिक किराये पर रखा गया। ट्रायल आधार पर शुरू की गई इस प्लानिंग के तहत शुरुआत में बीपीएस स्कूल के सामने की तीन गलियों में बंदर को उसका पालक घुमाएगा। ताकि बंदरों को यहां से खदेड़ा जा सके। सेक्टर वासियों ने बताया कि तीन गलियों के दो सौ मकानों को बंदर रखने बाबत 100-100 रुपये देने के लिए कहा गया है। उम्मीद है कि 150 मकान मालिक समर्थन करेंगे।
बंदरों से निजात के लिए बढ़ रहा लंगूर रखने का ट्रेंड
शहर में परेशानी बने बंदरों से निजात के लिए कॉलोनियों में लंगूर बंदर किराये पर रखने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल सेक्टर 13 के अलावा विकास नगर, शिव नगर, इंडस्ट्रीज एरिया की कुछ फैक्ट्रियों, बीटीएम चौक क्षेत्र की एक कॉलोनी, गोशाला मार्केट के पिछले हिस्से की एक कॉलोनी में लोगों ने लंगूर की व्यवस्था की है।