अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। प्रदेश भर में चल रहे हजारों फर्जी स्कूलों के मामले में अब हाई कोर्ट की सख्ती के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए कड़े कदम उठाए हैं। हरियाणा मौलिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेशभर में 1083 गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर जल्द ही ताले लग सकते हैं। इसके लिए अभिभावकों से भी शिक्षा सत्र 2019-20 के लिए अपने बच्चों के ऐसे विद्यालयों में दाखिला नहीं कराने का आह्वान किया गया है। सभी जिला मौलिक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिला में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का निरीक्षण कर उन्हें तत्काल बंद कराएं।
हरियाणा सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी शपथ पत्र देकर शैक्षणिक सत्र 2019-20 में प्रदेशभर में कोई भी फर्जी स्कूल नहीं चलने देने की बात कही जा चुकी है। याचिकाकर्ता स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार व अन्य की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 175 पेज का शपथ पत्र देकर प्रदेश भर में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या करीब चार हजार बताई गई थी। न्यायालय ने 25 जुलाई को हरियाणा सरकार की तरफ से एक शपथ पत्र देकर प्रदेश भर में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या 1087 बताई गई थी।
ये दिया था संगठन ने तर्क
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार, महामंत्री भारत भूषण बंसल व पंचकूला जिला अध्यक्ष सलाउदीन ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा अब तक प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या 1087 बताई गई है। उसमें कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिसार में सरकार केवल 50 गैर मान्यता प्राप्त स्कूल मान रही है, जबकि संगठन के शपथ पत्र में 242 गैर मान्यता स्कूल चल रहे हैं। इसी तरह भिवानी में सरकार 70 स्कूलों की संख्या दर्शा रही है जबकि भिवानी में 140 गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। रेवाड़ी जिले में 40 स्कूल सरकार मान रही है, जबकि संगठन की ओर से 108 स्कूल बताए गए हैं। पंचकूला में सरकार कोई गैर मान्यता स्कूल नहीं बता रही, जबकि संगठन ने पांच स्कूल गिनवाए हैं। जींद में भी 10 स्कूल सरकार ने गैर मान्यता वाले बताए हैं, इस पर भी संगठन ने जींद में 60 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की पहचान की है। जिनके संबंध में शपथ पत्र भी न्यायालय में दिया है।
क मिलीभगत से चल रहे स्कूल
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि प्रदेश भर में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के संबंध में अब सरकार ने आगामी शिक्षा सत्र 2019-20 के दौरान कोई भी फर्जी स्कूल नहीं चलने देने का दावा किया है। इसके लिए सरकार की तरफ से सार्वजनिक सूचना भी जारी कर दी गई है। लेकिन इसके बाद भी सरकार की मंशा साफ नहीं हैं। क्योंकि जिन स्कूलों पर पहले सीलिंग की गई थी, अधिकारियों की मिलीभगत से उन फर्जी स्कूलों को चलाया जा रहा है। जिन पर अब संगठन कोर्ट के आदेशों की अवमानना को लेकर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाएगा। अब इस मामले की हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।