हैफेड का सर्वर डाउन, बैरंग लौटे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
जिले में तीन दिन से सरसों की सरकारी रेट पर खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन एक भी किसान का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। पहले दो दिन किसान नहीं आए। शनिवार को किसान आए तो हैफेड का सर्वर जवाब दे गया। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान दिनभर इंतजार करते रहे, मगर सर्वर नहीं चला।
सरसों की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए शनिवार को किसान हैफेड कार्यालय पहुंचे। बवानीखेड़ा से आए दो किसान सुबह नौ बजे जरूरी कागज लेकर पहुंचे, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम व तकनीकी खराबी होने के कारण फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। आफिस ऑपरेटर व कर्मचारी बार-बार ऑनलाइन डाटा दर्ज करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कंप्यूटर में डाटा सेव नहीं हो पाया। थक हार कर्मचारियों ने किसानों के जरूरी दस्तावेज ऑफिस में ही जमा करवा लिए और फोन के माध्यम से किसानों को सूचना देने की बात कह वापस लौटा दिया। वहीं दूसरी तरफ आफिस कर्मचारी बार-बार चंडीगढ़ नैफेड ऑफिस में डाटा सेव न होने के बारे में जानकारी लेते रहे। लेकिन तकनीकी सिस्टम व सर्वर डाउन होने से की कोशिशें कोई रंग नहीं ला पाई। दोपहर बाद दोनों किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
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चंडीगढ़ नैफेड आफिस से जुड़ा है सिस्टम
हैफेड के द्वारा ऑनलाइन खरीद के लिए किसानों के जरूरी कागजात ऑनलाइन एप में सेव किए जा रहे है जोकि पूरी तरह से चंडीगढ़ नैफेड आफिस के साथ जुड़ा हुआ है। चंडीगढ़ से ही तकनीकी खराबी होने से किसानों हैफेड ऑपरेटर बार-बार फोन से जानकारी लेते रहे, लेकिन कोई भी रेजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया।
हैफेड के फील्ड इंस्पेक्टर प्रवीण दहिया का कहना है कि एप में दिक्कत होने से कार्य नहीं हो पर रहा, चंडीगढ़ नैफेड आफिस में बातचीत की जा रही है। जल्द ही कार्य पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा। पहले दिन एप व सर्वर में दिक्कत आ रही है जल्द ही सही कर कार्य को सुचारू रूप से जारी कर दिया जाएगा।