गिरदावरी की मांग को लेकर किसानों ने तहसील में दिया धरना
बहल। मंगलवार को क्षेत्र के गांवों में हुई भारी ओलावृष्टि को लेकर किसानों ने तहसील कार्यालय में धरना दिया तथा मुआवजे के लिए विशेष गिरदावरी की मांग को लेकर तहसील कार्यालय में ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा कि सरकार अविलंब गिरदावरी करवाकर किसानों को तुरंत प्रभाव से आर्थिक मदद दें।
बुधवार को बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान तहसील परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने कहा कि क्षेत्र के गांवों में हुई भारी ओलावृष्टि से पकने के कगार पर खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। पहले से कर्जे तले दबे किसानों के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है। किसानों ने धरना दिया तथा प्रशासन से मांग की कि प्रभावित फसलों की अविलंब गिरदावरी करवाई जाए तथा किसानों को मदद दी जाए ताकि वो अपना जीवनयापन कर सकें। किसानों ने तहसील कार्यालय में ज्ञापन दिया तथा मांग की कि अगर 29 जनवरी तक गिरदावरी का काम शुरू नहीं किया गया तो सभा अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देगी।
किसानों ने ज्ञापन में मांग की कि प्रभावित फसलों के लिए 30 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाए। वहीं, किसानों ने फैसला लिया कि शीघ्र ही सभा इस मांग को लेकर जिला उपायुक्त से मिलेगी तथा स्पेशल गिरदावरी की मांग करेगी। धरने की अध्यक्षता खंड उपप्रधान धर्मपाल नंबरदार ने की व संचालन दलबीर ने किया। इस अवसर पर महीपाल, कृष्ण, मांगे, कामरेड हनीफ खान, श्रीचंद, धनपत साहब, मीरसिंह, मानसिंह, मा.जयसिंह, सत्यवीर, इंद्रसिंह, आजाद, भोलाराम सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
बाक्स न्यूज
प्रशासन ने माना चार गांवों में 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान
मंगलवार शाम को क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि के बाद प्रशासन ने बुधवार सुबह क्षेत्र के गांवों में नुकसान का प्राथमिक तौर पर आंकलन किया। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में यह आशंका जताई है कि ओलावृष्टि से अनुमानित चार गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है। इन गांवों में अनुमान है कि 15 से 20 प्रतिशत तक फसल खराब हो सकती है। क्षेत्र के गांव चैहड़ कलां, चैहड़ खुर्द, सुरपुरा कलां एवं मंढ़ोली कलां में नुकसान हुआ है। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य गांवों में कहीं कम, कहीं ज्यादा 10 से 15 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र ने बताया कि नुकसान का सही आंकलन तो तीन दिन बाद हो सकेगा लेकिन प्राथमिक तौर पर चार गांवों में 15 से 20 प्रतिशत का नुकसान का अनुमान है।