अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
लंबे समय से सप्लाई के पानी की उम्मीद लगाए बैठे आउटर कॉलोनियों के लोगों की आशाओं पर सरकार ने फिलहाल पानी फेर दिया है। उन्हें पेयजल के लिए अभी और इंतजार करना होगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने आउटर की करीब डेढ़ दर्जन कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाने के लिए दो करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट सरकार के पास भेजे थे। इन पर सरकार ने ने ऑब्जेक्शन लगा दिया है। हालांकि, विभाग के अधिकारी ऑब्जेक्शन को दूर कर दोबारा प्रपोजल भेजने की बात कह रहे हैं। मगर, फिलहाल आउटर कॉलोनियों की करीब 25 से 30 हजार की आबादी को सप्लाई का पानी मिलने की उम्मीद नहीं है।
डेढ़ से दो दर्जन कॉलोनियां शहर के आउटर में बसी है। इनमें पीपली वाली जोहड़ी क्षेत्र, रोहतक रोड पर डिफेंस कॉलोनी, बैंक कॉलोनी का बढ़ा हुआ भाग, हांसी रोड पर देव नगर कॉलोनी का बहुत सा क्षेत्र, उत्तम नगर का बड़ा क्षेत्र, ढाणा रोड पर बसी कुछ कॉलोनियां, तोशाम बाइपास पर बसी कॉलोनियां शामिल हैं। इन कॉलोनियों के लिए लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों, विधायक, मंत्रियों तक से गुहार लगा चुके है। बार-बार की गुहार के बाद इनकी मांग मानी गई और करीब तीन माह पूर्व उच्च अधिकारियों की स्वीकृति के बाद आउटर की इन कॉलोनियों में पेयजल लाइन डालने का प्रपोजल तैयार किया गया। प्रपोजल दो करोड़ से ज्यादा का है। विभाग ने डीआई पाइप लगाने का प्रपोजल तैयार किया था। इसका मकसद पाइपों में लगने वाली जंग से बचाव और दूषित पेयजल सप्लाई की संभावना को कम करना था। अब ऑब्जेक्शन लगाकर सभी प्रपोजल वापस कर दिए गए हैं।
पानी ढो रहे लोग, टैंकरों से हो रही सप्लाई
आउटर की कॉलोनियों में बसे लोग फिलहाल आसपास की कॉलोनियों से पानी ढोकर अपना काम चला रहे है। इसके अलावा दूसरा ऑप्शन टैंकर है। टैंकर के लिए तीन सौ से चार सौ रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में यह महंगा पड़ता है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल कुछ आउटर कॉलोनियों में टैंकर से पेयजल की सप्लाई की जा रही है।
लीकेज ने बिगाड़ा पानी का टेस्ट, लोग परेशान
भिवानी। शहरवासी इन दिनों सप्लाई में गंदा पानी आने की शिकायतों से परेशान हैं। शहर के करीब 50 फीसदी से अधिक कॉलोनियों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। हर रोज विभाग अधिकारियों के पास गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतों की झड़ी लगी हुई है। शनिवार को भी कृष्णा कॉलोनी और विजय नगर में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लीकेेज ठीक करने में जुटे रहे। औसतन हर रोज पांच-छह शिकायतें विभिन्न कॉलोनियों से आ रही हैं।
आउटर की कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाने का प्रपोजल बनाया गया था। इस पर कुछ ऑब्जेक्शन लग गए है। अब ऑब्जेक्शन दूर किए जाएंगे और दोबारा प्रपोजल भेजा जाएगा। फिलहाल टैंकरों से पानी भेजा जा रहा है। लीकेज की शिकायतों को दूर किया जा रहा है। अधिकतर जगह उपभोक्ताओं के ही पाइप खराब है। इस कारण दूषित पेयजलापूर्ति हो रही है।
सुरेंद्र सरदाना, एसडीओ
जनस्वास्थ्य विभाग