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फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर बन लोगों के 20 करोड़ लेकर फरार

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स्वयं को फॉरेस्ट ऑफिसर और सेना से रिटायर्ड कैप्टन बताने वाला एक व्यक्ति लोगों को पेड़ों की नीलामी में मोटे कमाने का लालच देकर 20 से 30 लोगों से करीब 20 करोड़ रुपये ऐंठ कर फरार हो गया। कुछ से तो नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की। आरोपी ने एक और दो फरवरी को सभी को रुपये लौटाने का आश्वासन दिया था और लोग एक फरवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे मगर वह एक फरवरी को ही फरार हो गया। अब रुपये देने वाले लोग परेशान है। रुपये देने वालों में अधिकतर दुकानदार है।
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एमसी कॉलोनी में एक व्यक्ति पिछले करीब साढ़े तीन साल से किराये पर रह रहा था। स्वयं को आर्मी से रिटायर्ड कैप्टन और वन विभाग में अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने आसपास के लोगों का विश्वास जीता। अनेक लोगों को रुपये कमाने का ऐसा प्रलोभन दिया कि आंख बंद कर बिना सोचे-समझे प्रत्येक ने लाखों रुपये जमा करा दिये। सभी को एक ही प्रलोभन दिया कि नेशनल हाइवे के लिए पेड़ों की कटाई है। तुम्हें नीलामी में सस्ते रेट में ठेका दिला दूंगा और उसमें तुम लाखों कमा सकते हो। इसी लालच में किसी ने पांच लाख तो किसी ने 35 लाख रुपये दिये। फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर के जाल में अधिकतर दुकानदार, शोरूम संचालक फंसे। कुछ सरकारी कर्मचारी भी फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर के जाल में फंसे।
पिछले नौ माह से मांग रहे रुपये, एक को देने का वादा कर हुआ फरार
रुपये देने वाले दुकानदारों ने बताया कि रुपये देकर वे फंस गए है। पिछले नौ माह से रुपये वापस लेने के लिए चक्कर लगा रहे है। रुपये वापस लेने के लिए गाली-गलौज तक हो चुकी है। दुकानदारों ने बताया कि हमने अपने स्तर पर जांच पड़ताल की तो पाया कि वह कोई फॉरेस्ट विभाग में अधिकारी नहीं है। उसके राशन कार्ड, घर का पता सभी फर्जी है।
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किसके कितने ले गया फर्जी डीएफओ
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत में अनिल के 4.80 लाख, चतुर्भुज के 30 लाख, पवन के 10 लाख, जितेंद्र के 35 लाख, राम कुमार के 30 लाख, प्रदीप के करीब 20 लाख, महिला निशा के करीब 30 लाख, पवन के 10 लाख रुपये थे। इसके अलावा राज कुमार, सुभाष आदि के भी रुपये थे।
नौकरी के नाम पर भी ठगे रुपये
फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर के लोग इतने बहकावे में आए कि कुछ युवाओं को नौकरी लगवाने के नाम पर भी लाखों रुपये दे दिये। अधिकतर ने ब्याज पर रुपये लेकर नौकरी के लिए दिए थे और अब वे फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर के किराये के मकान के चक्कर लगा रहे है, जहां अब ताला लटका हुआ है।
मेरे पास एमसी कॉलोनी के करीब 10 लोगों ने शिकायत दी है। जिसके बाद वे पुलिस अधीक्षक से भी मिले थे। पुलिस अधीक्षक ने औद्योगिक थाना के एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। फर्जी फॉरेस्ट ऑफिसर का नाम राम सिंह है जो पिल्लूखेड़ा का रहने वाला है। उसके साथ कुछ अन्य लोग भी है। लोगों से करोड़ों की ठगी की गई है।
- देवेंद्र सिंह सोढ़ी, वरिष्ठ अधिवक्ता
ठगी के मामले के बारे में सुना है मगर अभी कोई लिखित शिकायत मेरे पास नहीं आई है। कॉलोनी वासियों ने अगर एसपी कार्यालय में शिकायत दी है तो संभवत: वह सोमवार तक मेरे पास आ जाएगी। इसके बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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- सतबीर सिंह, एसएचओ, औद्योगिक थाना
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