अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हुडा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षामंत्री रामबिलास ने नर्सिंग छात्राओं की बात नहीं सुनी तो छात्राओं ने माइक से अपनी बात कहनी शुरू कर दी जिससे कार्यकर्ता भड़क गए और उनसे माइक छीन लिया। उसके बाद महिला पुलिस ने छात्राओं को धक्के मारकर स्टेज से नीचे उतारकर टैंट से बाहर निकाल दिया। इस दौरान शिक्षामंत्री अपने जन्मदिन पर लगाए गए रक्तदान शिविर में मग्न रहे। उन्हें एक बार भी छात्राओं की तरफ ना तो ध्यान दिया, ना ही उनकी समस्याएं सुनीं। इसको लेकर छात्राओं ने शिक्षामंत्री ही नहीं पूरी सरकार को जमकर कोसा।
उल्लेखनीय है कि नर्सिंग की छात्राएं पिछले पांच साल से एएनएम और जीएनम की परीक्षाएं नहीं होने से बार-बार धरने-प्रदर्शन कर रही हैं। उसके बावजूद भी उनकी परीक्षाएं नहीं हो रही हैं। एएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा नीशा व किरण छात्राओं की मांगों को लेकर सुबह किरण चौधरी से मिली और उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा। उसके बाद उन्हें पता चला कि प्रदेश के शिक्षामंत्री भिवानी में अपने जन्मदिन के कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। उनके सामने अपनी मांग रखने के लिए वे कार्यक्रम में पहुंची लेकिन शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा अपने कार्यक्रम में व्यस्त रहे और उनका मांग पत्र लेकर कुछ नहीं कहा। इसके चलते उन्होंने मंच से माइक से अपनी बात रखनी चाही और कविता सुनाने के बहाने माइक लिया। जब वे अपनी मांग रखने लगी तो आयोजकों ने उन्हें रोक दिया और माइक छीनकर महिला पुलिस से स्टेज से धक्के मरवाकर नीचे उतरवा दिया।
क्या हम बेटियां नहीं...
मंच नर्सिंग स्टूडेंट्स ने कहा कि एक तरफ तो सरकार बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा देती है, वहीं प्रदेश नर्सिंग की छात्राओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही। क्या वे उनकी बेटी नहीं हैं या फिर वे पाकिस्तान से आई हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार आने के बाद से ही एएनएम व जीएनएम की परीक्षा नहीं हुई है। इसके चलते 17 छात्राएं आत्महत्या कर चुकी हैं। वे हर जगह अपनी मांगों को लेकर जा चुकी हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
वर्जन
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने इस बारे में कहा कि उन्होंने बेटियों का मांग पत्र लिया है। बातचीत कर जल्द छात्राओं की परीक्षा की व्यवस्था की जाएगी।