भिवानी। गांवों में जगह-जगह कूड़ा-कचरा फेंक कर गंदगी फैलनेवालों की अब खैर नहीं है। विकास एवं पंचायत विभाग ने गंदगी फैलाने वालों को जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। ग्राम पंचायत कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाएगी। इसके साथ ही विभाग ने पंचायतों को भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि गांवों को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने के लिए समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं। फिर भी कुछ लोग सरेआम कूड़ा-कचरा फेंकने की अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे। ऐसे लोगों पर ही शिकंजा कसने के लिए विकास एवं पंचायत विभाग ने जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। यहां तक कि पंचायतें सरे राह थूकने वाले लोगों पर भी जुर्माना लगा सकेगी। विभाग के निर्देशानुसार इसके साथ-साथ पंचायतें कुछ मासिक चार्ज वसूल करके अपनी आमदनी भी बढ़ा सकेगी, जिससे सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जा सकेगा।
पंचायतें इस प्रकार लगाएंगी जुर्माना
कारण जुर्माना राशि
- प्राइवेट या पब्लिक वाहन से बाहर सामान कचरा फेंकने या थूकने पर 50 रुपये
- रेहड़ी द्वारा कचरा फेंकने पर 50 रुपये
- दुकानदारों द्वारा गली में सामान फेंकने पर 250 से 500 रुपये
- धार्मिक स्थलों द्वारा कचरा फेंकने पर 250 रुपये
- सीएचसी व पीएचसी द्वारा कचरा फेंकने पर 1500 रुपये
- शिक्षण संस्थानों द्वारा कचरा फेंकने पर 500 रुपये
- उद्योगों द्वारा कचरा फेंकने पर 1500 रुपये
- होटल-ढाबों द्वारा कचरा फेंकने पर 500 रुपये
- किसी परिवार द्वारा खाली प्लाट या खुले में कचरा फेंकने पर 100 रुपये
- रोड, पार्क या गली में कचरा फेंकने पर 100 रुपये
- खुले में शौच या पेशाब करने पर 2000 रुपये
- बारबर द्वारा रोड़ पर बाल फेंकने पर 800 रुपये
- समारोह या रैली के आयोजन कर्ताओं द्वारा गंदगी फैलाने पर 1000 रुपये
- पशुओं द्वारा गंदगी फैलाने पर मालिक पर 1000 रुपये
- सरेआम कचरा जलाने पर 5000 रुपये
- जोहड़/तालाब या जलघर में कचरा डालने वालों पर 1500 रुपये
- दीवारों पर पोस्टर या पेंटिंग करने वालों पर 1000 रुपये
- गोबर को सार्वजनिक जगह पर डालने पर 750 रुपये
इस प्रकार बढ़ा सकेंगी पंचायतें अपनी आमदनी
विकास एवं पंचायत विभाग के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतें सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने में होने वाले खर्च को वहन करने के लिए अपनी आमदनी गांवों से ही बढ़ा सकेगी। पंचायतें प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक परिवार से 40 रुपये, होटल ढाबों से 100 रुपये, मैरिज पैलेस से 500 रुपये, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 750 रुपये, शिक्षण संस्थाओं से 200 रुपये, क्लीनिक, डिस्पेंसरी व होस्टल से 800 रुपये और धार्मिक संस्थान से 1000 रुपये प्रति माह चार्ज करेंगे। पंचायतों को यह भी अधिकार दिया गया है कि वे 150 से 300 परिवारों के गांवों तक दो सफाई कर्मचारी, 500 घरों वालें गांवों में तीन और 500 से अधिक घरों वालें गांवों में चार सफाई कर्मचारी रख सकते हैं। इनका मानदेय पंचायतें जुर्माना राशि व मासिक चार्ज से देंगी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि पंचायतों को हिदायतें दी गई हैं कि वे गली व सड़कों के नजदीक कुरड़ियों को साफ करें। खाली प्लाटों से कचरे व कुरड़ियों को हटवाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिला स्तर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा खंड स्तर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी हर महीने की जाने वाली गतिविधियों की रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे तथा इन नियमों की पालना सुनिश्चित करवाएंगे।