अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षाओं के विद्यार्थी अब ऑनलाइन ही जान सकेंगे कि किस विषय की परीक्षा के किस सवाल के उन्हें कितने अंक मिले हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को 100 रुपये खर्च करने होंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पंजाब की तर्ज पर ऑनलाइन मार्क पंचिंग प्रणाली शुरू की है। ट्रायल आधार पर इस प्रणाली को बीती 15 जुलाई को हुई रि-अपीयर परीक्षाओं पर लागू किया जाएगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन अपने विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं वे भी ऑनलाइन देने के लिए प्रयास कर रहा है। इस कड़ी में अब परिणाम के बाद विद्यार्थी ऑनलाइन ही यह भी जान सकेंगे कि किस विषय में किस प्रश्न के कितने अंक मिले हैं। ट्रायल आधार पर इस सिस्टम को अपनाया गया है। 15 जुलाई को हुई रि-अपीयर कक्षाओं का परिणाम इसी आधार पर दिया जाएगा। तीन अगस्त तक परिणाम घोषित किया जाएगा। यह सिस्टम पंजाब में पहले ही लागू हो चुका है। इस प्रणाली के तहत बच्चों की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करने वाले शिक्षकों के फोन में एक सॉफ्टवेयर डाला जाएगा जिसमें शिक्षक उत्तरपुस्तिका की जांच करने के दौरान ही बच्चों के रोल नंबर और प्रश्नानुसार प्राप्त अंक भी डालेंगे। इसमें यह पहले से ही होगा कि कौन सा प्रश्न कितने अंक का है। 10वीं कक्षा का परिणाम नई प्रणाली के तहत तैयार हो चुका है और 12वीं का परिणाम तैयार किया जा रहा है। तीन अगस्त तक दोनों परिणाम तैयार होने की उम्मीद है और फिर परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षार्थी बोर्ड परिणाम की तरह ही इसे बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकेंगे।
शिक्षक द्वारा दिए कुल अंक ही होंगे मान्य
बोर्ड प्रशासन की ओर से इसे ट्रायल आधार पर शुरू किया जा रहा है। ऐसे में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करने वाले शिक्षक द्वारा दिए गए कुल अंक ही इस बार मान्य होंगे। यह नई प्रणाली लागू जरूर की जा रही है मगर कुल अंक शिक्षक द्वारा हार्ड कॉपी पर दिए गए ही मान्य होंगे।
गलत अंक देने वाले शिक्षकों पर 10 से 300 रुपये तक जुर्माना
बोर्ड प्रशासन ने अपनाई नई प्रणाली में गलत अंक देने या अंक बढ़ाकर बच्चे को पास करने का प्रयास करने वाले शिक्षक पर भी कार्रवाई का निर्णय लिया है। इसके तहत सॉफ्टवेयर में सभी प्रश्नों के अंक तय किए गए हैं। यदि कोई प्रश्न पांच अंक का है और शिक्षक बच्चे को ज्यादा अंक के चक्कर में पांच से अधिक अंक दे देता है तो बोर्ड अधिकारियों को पता लग जाएगा। ऐसे में बच्चे को तो निर्धारित पांच अंक दिए जाएंगे मगर ज्यादा अंक देने वाले शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। शुरूआत में चूंकि यह प्रणाली ट्रायल आधार पर शुरू की जा रही है तो शिक्षकों पर 10 रुपये तक 300 रुपये तक के प्रति परीक्षा जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पंजाब में इस प्रणाली में सामने आ रही खामियां
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन भले ही पंजाब की तर्ज पर ऑनलाइन मार्क पंचिंग प्रणाली शुरू कर रहा हो मगर पंजाब में इस प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अनेक तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
वर्जन::::
पंजाब की तर्ज पर ऑनलाइन मार्क पंचिंग प्रणाली ट्रायल आधार पर शुरू की जा रही है। कामयाब हुई तो इसे सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की फाइनल परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा। इसमें शिक्षकों के फोन में ही साफ्टवेयर अपलोड किया जाएगा। इससे परिणाम में जल्दी घोषित किया जा सकेगा और बच्चे देख सकेंगे कि किस प्रश्न के कितने अंक मिले हैं।
-डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड