दस साल में पहली बार लिंगानुपात 900 के पार
वर्ष 2018 में 950 तक पहुंचाने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी
साल दर साल जिले में लिंग अनुपात सुधर रहा है। वर्ष 2014 में जिले में लिंग अनुपात एक हजार लड़कों पर 834 लड़कियों का था, 2017 में 913 पर पहुंच गया है। दस साल में पहली बार लिंगानुपात नौ सौ के पार पहुंचा है।
लिंग अनुपात में सुधार से उत्साहित स्वास्थ्य विभाग ने इस साल लिंगानुपात 950 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए कार्य योजना पर भी काम शुरू कर दिया। इस अभियान में विभाग ने विभिन्न सामाजिक संगठनों की भी सहायता ली जा रही है।
वीरवार को जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया की अध्यक्षता मेें चिकित्सा अधिकारियों की बैठक में लक्ष्य को शीघ्र हासिल करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सीएमओ ने बताया कि हमारा लक्ष्य इस वर्ष लिंगानुपात को 950 तक पहुंचाने का है। उन्हाेंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच पर पर पूर्ण रूप से रोकथाम के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। अभियान को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को लक्ष्य को शीघ्र हासिल करने के निर्देश दिए।
सिविल सर्जन डॉ. पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 2014 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरु किया था, जिसके तहत कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने की अपील की गई थी।
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले में वे क्षेत्र चयनित किये गए थे, जिसमे लिंगानुपात कम था। उन्होंने बताया कि जिसमें विभाग ने प्रत्येक गावं में हमने मुखबिरों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग के माध्यम से वर्ष 2014 से अब तक पीएनडीटी के तहत कुल 15 एफआईआर दर्ज कर 38 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए तथा वर्ष 2014 से अब तक एमटीपी के तहत 11 एफआईआर दर्ज कर 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए। इनमें से दो लोगों को सजा हो चुकी है।
--
2014 में लिंगानुपात 834
2015 में लिंगानुपात 870
2016 में लिंगानुपात 895
2017 में लिंगानुपात 913