अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
बहल और ढिगावा के खाद्य आपूर्ति कार्यालयों को लोहारू में शिफ्ट किए जाने की कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है। ढिगावा के खरखड़ी गांव में उज्जवला स्कीम के तहत गैस कनेक्शन जागरूकता शिविर में विभाग के निरीक्षक के समक्ष ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति जताई। बहल में किसानों की बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मौखिक निर्देश जारी कर बहल और ढिगावा के खाद्य आपूर्ति कार्यालयों को लोहारू कार्यालयों में शिफ्ट करने के लिए कहा है। इसकी जानकारी मिलते ही बहल और ढिगावा में लोग लामबंद होने लग गए हैं। ढिगावा के खरखड़ी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेश कुमार उज्जवला स्कीम की जानकारी देने वहां पहुंचे तो लोगों ने इस बात का कड़ा विरोध किया। लोगों ने कहा कि अब राशन कार्ड में नाम दर्ज करवाने, कटवाने या किसी अन्य काम के लिए लोहारू जाना पड़ेगा। पहले यह सुविधा उनके यहीं मौजूद थी। गांव बुढेड़ा, अमीरवास एवं मोहमदनगर में भी ग्रामीणों ने ढिगावा से कार्यालय शिफ्ट करने का विरोध किया।
बहल में भी अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने बहल से कार्यालय लोहारू में शिफ्ट किए जाने का जोरदार विरोध किया। किसानों ने कहा कि बहल के 28 गावों के लोगों को इस कार्यालय से अपने काम करवाने में सुविधा होती है। सरकार के इस निर्णय का वे पुरजोर विरोध करते हैं। इस संबंध में 17 जुलाई को उपतहसील में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपेंगे। मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे। कस्बे के नागरिक समाजसेवी राजेश अग्रवाल, संजय कुमार, दिनेश कुमार ने सरकार से मांग की है कि बहल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय को शिफ्ट नहीं किया जाए।
सरकार का फैसला गलत, वापस लें आदेश : विधायक
विधायक ओमप्रकाश गौरा ने कहा कि बहल और ढिगावा के खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालयों को लोहारू में शिफ्ट करने का फैसला गलत है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वो इन कार्यालयों में स्टाफ एवं सुविधाओं का विस्तार करे। इससे आमजन को सहूलियत होगी। वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।