अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रमों की धूम रही। सत्संग और धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं के आशीर्वचन सुने और आशीर्वाद लिया। विद्या वाचस्पति संस्कृत विद्वान दयाकृष्ण पंत, उनकी पत्नी नंदी पंत और संस्कृत विद्वान घनश्याम शास्त्री को सम्मानित किया गया।
लिब्रा गेस्ट हाउस में रविवार को शिष्यों की ओर से आयोजित गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें विद्या वाचस्पति सम्मान प्राप्त और श्री हरियाणा शेखावटी ब्रह्मचर्य आश्रम में 30 साल प्राचार्य रहे दयाकृष्ण पंत और उनकी पत्नी शिक्षाविद् नंदी पंत, संस्कृत विद्वान घनश्याम शास्त्री मिताथल को सम्मानित किया गया। श्री पंत ने कहा कि गुरु परंपरा से संस्कृत और संस्कृति जीवित रह सकती है। ये दोनों ही मोक्षदायिनी है। इस अवसर पर पंत दंपति को उनके शिष्यों ने 21 हजार रुपये नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह कार्यक्रम पंत दंपति और घनश्याम शास्त्री के शिष्यों ने आयोजित किया था। मंच संचालन अशोक शास्त्री ने किया। इस मौके शिक्षाविद सारिका पंत, हरिचरण शास्त्री, मिथलेश शास्त्री, साधूराम शास्त्री, विनोद शास्त्री, राकेश शास्त्री, जयभगवान पिलानिया, सरोज शास्त्री, पार्वती, कविता तंवर, शीशराम शास्त्री, हनुमान शास्त्री, ईश्वर शास्त्री, ओमप्रकाश शास्त्री, विजेंद शास्त्री, राजेंद्र, कृष्ण शास्त्री, शिव कुमार शास्त्री, सतपाल, सुभाष आदि मौजूद रहे।
गुरु पूजन का दिन है गुरु पूर्णिमा : संत कंवर
भिवानी।
संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु पूजन का दिन है। गुरु पूर्णिमा का अर्थ जटिल नहीं है। गुरु भक्तों के लिए तो ये अति सहज है। गुरु पूर्ण है। आप भी गुरु वचन पर टिक कर पूर्ण हो सकते हो। यही गुरु पूर्णिमा का संदेश है।
दिनोद गांव स्थित आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाराज जी ने कहा कि पूर्णता को तभी प्राप्त कर सकोगे, जब गुरु से नाम लेकर उसकी भक्ति करोगे। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में 100 यूनिट रक्त दान किया गया। उन्होंने कहा कि परमात्मा से यही अरदास करो कि हमें दुष्ट व्यक्ति का संग न मिले। प्रार्थना करो कि दुष्टों का संग देने से अच्छा तो मुझे नरक का वास दे देना। संसार मे गिव एंड टेक का सिद्धांत चलता है। यदि अच्छा करोगे तो ही अच्छा मिलेगा। बड़े बुजुर्गों की सेवा करो। मां बाप की सेवा करो।
संत कंवर साहब महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर संकल्प करो कि हम मन से, वचन से, कर्म से किसी को कष्ट नही देंगे। अपना सा जीव सब को मानेंगे। काया के कष्ट से हम विचलित हो जाते हैं। भूल जाते हैं कि काया का रोग तो कर्म का भोग है। बुरी आदत तो बर्बादी की तरफ लेकर जाती है। धन की बर्बादी, तन की बर्बादी और मन की बर्बादी है।
खुशहाल जिंदगी के लिए सत्संग जरूरी
संत निरंकारी मंडल दिल्ली की संत बहन मनजीत कौर जी ने कहा कि खुशहाल जिंदगी के लिए सत्संग बहुत जरूरी है। सत्संग का अर्थ है सत्य का संग। सत्य सिर्फ परमात्मा है। परमात्मा का संग करने के लिए उसकी पहचान जरूरी है।
यहां निरंकारी सत्संग भवन मेें रविवार को आयोजित समागम में संत मनजीत कौर ने कहा कि परमात्मा के संग को ही वास्तव में सत्संग कहा जाता है। पवित्र गुरु ग्रंथ साहब में लिखा गया है कि जे सुख चाहे सदा, शरण राम की ले। कार्यक्रम में अंबाला से बहन परमजीत, राज टंडन ने विशेष रूप से उपस्थित होकर साध-संगत का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बहन ओम और आशा ने भजन प्रस्तुत किए। जोन नंबर-11 के इंचार्ज बलदेव राज नागपाल ने सबका आभार प्रकट किया। गांव लेघां के संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम में बहन मनजीत कौर ने कहा कि इंसान को हमेशा खुदा से नाता जोड़कर रखना चाहिए। गुरु के आदेश के आगे नतमस्तक होकर गुरु की पूजा माने। इंसान जब मैं से नाता जोड़ लेता है। तो वह रुकावटों की तरफ होता है। गायक संजय देवराला ने भजन पेश किया। इस मौके पर भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज बलदेव राज नागपाल, संयोजक राजपाल लेघां, पूर्णमल निरंकारी देवराला, भरतराम, रामकुमार रफी आदि मौजूद रहे।
गुरु अंधकार से रोशनी की ओर ले जाता है : अशोक गिरी
भिवानी। जूना अखाड़ा के श्री महंत सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम के पीठाधीश्वर अंतराष्ट्रीय संत अशोक गिरी ने कहा कि गुरु ही ब्रह्म है, जो मानस योनी में आए व्यक्ति को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा सकता है। उन्होंने बताया कि ‘गु’ नाम अंधेरे का है और ‘रु’ नाम रोशनी है। इसका पूर्ण रूप है कि जो मानव को अंधेरे से रोशनी की ओर ले जाए, वही पूर्ण गुरु है। इस अवसर पर सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम में ब्रह्मलीन सिद्व बाबा शंकरगिरी की समाधि पर आश्रम के संतों ने पूजा की। इस अवसर भगवान गिरी, भूप गिरी , सिद्धगिरी, पर्वत गिरी, महावीरानंद गिरी, पुजारी घनश्याम जती, कैलाशगिरी, दशरथ गिरी, कुबेर गिरी, अर्जुन भारती, बलदेव गिरी, मनोज भण्डारी, ब्रहमनाथ गिरी ,मा. दलीप सिंह, जेली बाबा, लक्की हलवाई, राजेश, नरेश, मुकेश, किरोडी, पार्षद मामन चंद, बिल्लू बादशाह, सज्जन सोनी, वेदप्रकाश सोनी, होशियार सिंह ठेकेदार, कालु तंवरथ, रवि पंडित आदि उपस्थित थे।
गुरु पूर्णिमा पर लिया स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प
भिवानी। हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। साधु-संतों ने अपने गुरुओं को याद किया और एक कुंडीय हवन कर स्वच्छ पर्यावरण की कामना की। सभी ने स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प लेकर वनमहोत्सव के तहत अधिक से अधिक पौधरोपण करने बात कही। हनुमान जोहङी हनुमान मंदिर के महंत चरणदास ने कहा कि अपने गुरु के सम्मान में हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए। जीवन में यही एक सबसे बड़ा संकल्प होना चाहिए। इस अवसर पर ध्यानदास महाराज, ओपी नंदवानी, रमेश सैनी, विजय कुमार, मंगलदास महाराज, खेमचंद शास्त्री, अशोक भारद्वाज, सुशील गुप्ता, कृष्ण कुमार, सत्तु हलवाई, बबल आदि शामिल रहे।
गुरु पूर्णिमा पर हुआ सत्संग
भिवानी। आनंद परमानंद सत्संग आश्रम निगाणा में गुरु पूर्णिमा पर सत्संग हुआ। सतगुरु बाबू साहब ने एकलव्य का उदाहरण देते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा रखने के लिए कहा। इस अवसर पर शब्द गायक प्रकाश आनंद जूई, सुधानंद, सेवानंद, गायिका संतोष, रोशनी आदि मौजूद रहे।