खिलाड़ी यश को सम्मानित करते ग्रामीण व अन्य।
भिवानी/बवानीखेड़ा। गांव बलियाली निवासी 17 वर्षीय यश लोधा भारोत्तोलन में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित सब-जूनियर राष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में यश ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उसने डेड लिफ्ट में 150 किलोग्राम, स्क्वाट में 105 किलोग्राम और बेंच प्रेस में 75 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण अपने नाम किया।
वर्ष 2022 में मात्र 14 वर्ष की उम्र में यश ने शौकिया तौर पर जिम जाना शुरू किया था। सीनियर खिलाड़ियों को वजन उठाते देख उसमें भी पावर लिफ्टिंग के प्रति रुचि जगी और उसने प्रशिक्षक यश राज सोलंकी से इस खेल की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। इसके बाद यश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और निरंतर मेहनत से अपने सपने को साकार करने में जुट गया।
यश के चाचा कुलजीत सिंह उर्फ जीतू लोधा ने बताया कि यश की इस उपलब्धि पर गांव बलियाली में हवन और सवामनी का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत और सामाजिक संस्थाओं ने भी उसे सम्मानित किया।
दादा भी रहे हैं कबड्डी खिलाड़ी
कुलजीत सिंह उर्फ जीतू लोधा ने बताया कि उनके भाई कुलदीप लोधा का वडोदरा में ट्रांसपोर्ट का कारोबार है और परिवार वहीं रहता है। उन्होंने बताया कि यश के दादा भी कबड्डी के खिलाड़ी रहे हैं जिनसे प्रेरणा लेकर यश ने बचपन से ही खेल को जीवन का लक्ष्य बना लिया था। फिलहाल यश वडोदरा में रहकर आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटा हुआ है।
प्रतिज्ञा सेवा समिति ने किया यश का सम्मान
यश लोधा के स्वर्ण पदक जीतने पर गांव बलियाली और कस्बा बवानीखेड़ा की अनाज मंडी में उसका सम्मान किया गया। मंगलवार को प्रतिज्ञा सेवा समिति की ओर से भी यश को सम्मानित किया गया। समिति के अध्यक्ष संजय वर्मा उर्फ मिल्खा ने कहा कि यश ने पावर लिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। समिति का उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को सम्मानित कर उन्हें पहचान दिलाना है। इसी क्रम में यश का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर सरपंच सचिन सरदाना, सुखबीर भाकर, अशोक सरदाना, बिजेंद्र कौशिक, अंकित मलिक सहित अनेक खेलप्रेमी मौजूद रहे।