अमर उजाला ब्यूरो
बहल। बहल से चरखी दादरी जाने वाले यात्रियों को अब भिवानी जाकर बस बदलने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने बहल से सीधे दादरी की सेवा शुरू कर दी है। बुधवार से विभाग इस बस सेवा की विधिवत शुरुआत कर देगा। यह बस दोनों केंद्रों के बीच चार चक्कर लगाएगी। परिवहन विभाग ने ट्रायल के तौर पर मंगलवार को इस रूट की बस को बहल बस स्टैंड पर भेजा। बस में दादरी-बहल का साइन बोर्ड देखकर लोगों को उत्सुकता हुई। लोगों ने बस के चालक, परिचालक से नई बस सेवा के बारे में जानकारी ली। बहल से दादरी की सीधी बस सेवा शुरू होने से लोग खुश नजर आए। उन्होंने इसके लिए परिवहन विभाग का आभार जताया। लोगों ने कहा कि इस बस से दादरी जाने वाले यात्रियों को अब भिवानी नहीं जाना पड़ेगा। बहल से सीधे दादरी पहुंचा जा सकेगा। समाजसेवी राजेश अग्रवाल आदि ने बहल से दादरी की बस सेवा के लिए परिवहन विभाग का आभार जताया है। बहल से दादरी जाने के लिए पहले भिवानी जाना पड़ता था। फिर भिवानी से दादरी के लिए बस बदलनी पड़ती थी। इसके अलावा यह भी विकल्प था कि बहल से बाढड़ा जाएं और फिर बाढड़ा से दादरी रूट की बस में सफर कर दादरी तक पहुंचे।
आने-जाने के चार फेरे होंगे बस के
बहल से दादरी के लिए विभाग ने जो रूट बनाया है, उसके अनुसार बस दादरी से चलकर पैंतावास, अयितारपुरा, डोहकी, नंदगांव, झरवाई, लोहानी, हेतमपुरा, कैरू, देवराला, ओबरा, बिधनोई होकर बहल पहुंचेगी। विभाग ने फिलहाल इसके लिए चार चक्कर निर्धारित किए हैं। दादरी से सुबह सात बजे चलकर बस साढ़े नौ बजे बहल पहुंचेगी। बहल से चलकर बारह बजे दादरी पहुंचेगी। फिर साढे़ बारह बजे दादरी से चलकर करीब तीन बजे बहल पहुंचेगी। आखिर में बहल से साढ़े तीन बजे चलकर शाम को करीब छह बजे दादरी पहुंचकर नाइट करेगी।
बहल से दादरी बस सेवा को प्रयोग के तौर पर शुरू किया है। इससे यात्रियों को बहल से दादरी जाने के लिए सीधे बस सेवा मिल सकेगी। फिलहाल बस के चार फेरे निर्धारित किए गए हैं। यह बुकिंग के हिसाब से घटाए या बढ़ाए जाएंगे।
उमेद सिंह, डीआई, परिवहन विभाग, दादरी डिपो।
महंत ओमकार ने हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया
भिवानी। बस चरखी दादरी से चलकर नदगांव पहुंचने पर लोगों ने रोडवेज स्टाफ का स्वागत किया गया। नंदगांव के पूर्णानंद मंदिर के महंत ओमकार गिरी महाराज ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस मौके पर सामाजिक न्याय मोर्चा हरियाणा के अध्यक्ष राजेश कुमार लाम्बा महाराज अनिरुद्ध गिरी, सरपंच सुलोचना देवी, सूबेदार लीलूराम, सूबेदार दुलीचंद, हरीराम गोरा नंबरदार, नंबरदार रणसिंह, मास्टर शीशराम, प्रदीप कांगड़ा, समाजसेवी बालेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।